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सर्वकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 2077, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 2077

? No, look at the top:
There is a 'त्ति' or 'द्धि'?
Wait, "क्षुत्पिपासानिवृत्तिकर्त्रे"?
Look at: नि - वृ - त्ति (tt) - क - र्त्रे (rtre) - wait, is there 'कर्त्रे'?
Look at: क - र्मै (rmmai) or क - र्त्रे (rtre)?
Wait, next word is: शक्त्यै (śaktyai) औषधिपालने (auṣadhipālane).
Wait, look at the endings:
...कर्त्रे शक्त्यै औषधिपालने...
Wait, why 'कर्म्मै शक्त्यै'?
Look at: क - र्त्रे (there is an r-slant below, and re/ai on top).
Wait, look at 'त्ति': नि (ni) - वृ (vṛ) - त्ति (tti).
Wait, is it "निवृत्तिकर्त्रे"? Or "निवृत्तिकर्त्र्यै"?
Look at the matra on त्रे: it has two matras on top: ai!
So: "कर्त्र्यै" (kartryai)!
Let's re-examine:
क्षु - त्पि - पा - सा - नि - वृ - त्ति (or त्ति) - क - र्त्र्यै (or र्म्यै?)
Wait, '