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सर्वकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 1533, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 1533

।
Now, why is it कारणम्?
Because आविर्भावक is the cause!
"कारणमाविर्भावकस्यैवाचारत्वात्"?
Wait, "आविर्भावकस्यैवाचारत्वात्" or "आविर्भावकस्यैवाचार्यत्वात्"?
Wait, what is "आचारत्वात्"?
Let's look at: "कारणमाविर्भावकस्यैवाऽऽचारत्वात्"?
Or "कारणमाविर्भावकस्यैवा..."?
Wait, look at the glyphs:
व - क - स्यै - वा - चा - र - त्वा - त्
Wait, is the third glyph 'स्यै'? Yes, 'स' with 'य' and double matra 'ै'.
The fourth glyph is 'वा': 'व' with 'ा'.
The fifth glyph is 'चा': 'च' with 'ा'.
The sixth is 'र': 'र'.
The seventh is 'त्वा': 'त्' + 'वा'.
The eighth is 'त्': 'त्'.
So it is: "वकस्यैवाचारत्वात्"!
Wait, what is "आविर्भावकस्यैवाचारत्वात्"?
Wait, or "आविर्भावकस्यैवाकारत्वात्"? No, it's 'चा' (or 'धा'?).
Wait, could it be "आविर्भावकस्यैवा...त्वात्"?
Wait, look at the word: is it "आ