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अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 1197, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 1197

: au-matra!
ध ा त ौ = धातौ!
Then what is next?
अ (a) or व (va)?
It is: 'व' with 'े' = वे!
And then 'र' with 'ि' = रि!
So: "धातौ वेरि-"? Or "धातौ वरेः"?
Wait, look at:
"धातौ" then "वे" or "मे"?
It is "वे"! 'व' with 'े'.
Then "रि" or "र"? It has 'ि' (i-matra): "रि".
Then "त्ये" (tye) "व" (va) "तः" (taḥ)!
Wait, "धातौ वेरित्येवतः" -> "धातौ वेरित्यतः"?
Wait, look at the letters:
धा (dhā)
तौ (tau)
वे (ve) or मे (me)? It's 'वे'!
र (r) with ि = रि!
त्य (tya) with े = त्ये! Or तः = तः?
Wait, "धातौ वेरित्येवतः" or "धातौ वेरित्यतः"?
Wait, what root has 'वे'? 'वी गतिव्याप्तिप्रजन...'?
Or 'अवेः'? "धातौ अवेरिति"?
Wait, "धातौ वेरित्यतः"? But there is an avagraha?
Let's look at the letters:
धा तौ [dhātau

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित) · पृष्ठ 1197, कुल 2600 में से · SarvaKosh