अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंTo every man upon this earth,
Death cometh soon or late,
But (then) how can a man die better,
Than facing fearful odds,
For the ashes of his fathers and,
Temples of his God.
बाद को मैं इन भाइयों से रुखसत शुक्रिया के साथ होता हूँ जिन्होंने
हमारी मदद जाहिर तौर पर की या पोशीदा और यकीन दिलाऊँगा कि
अशफाक आखिरी दम तक सच्चा रहा और खुशी-खुशी मर गया और
ख्यानते-वतनी का उस पर कोई नहीं लगाया जा सकता। वतनी भाइयों
से गुजारिश है कि मेरे बाद मेरे भाइयों को वक्त जरूरत न भूलें और
उनकी मदद करें और उनका खयाल करें।
वतन पर मर मिटने वाला
अशफाक वारसी 'हसरत'
अज, फैजाबाद जेल
मेरी तहरीर मेरे वतनी भाइयों तक पहुँच जाए। ख्वाह विद्यार्थी जी
अखबार के जरिए से या अग्रेजी, हिन्दी, उर्दू में छापकर कांग्रेस के अय्याम
में तकसीम करा दें, मशकूर हूँगा। मेरा सलाम कबूल करें और मेरे भाइयों
को न वह कभी भूलें और न मेरे वतनी भाई फरामोश करें। अलविदा !
अशफाक उल्ला वारसी 'हसरत'
फैजाबाद
जेल
19 दिसम्बर
1927¹
- अशफाक उल्ला और उनका युग, सुधीर विद्यार्थी पृष्ठ 148-156
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