अमनस्क योग (गुरु गोरखनाथ - सहज समाधि, तारक योग एवं मनोलय विज्ञान सटीक)

अमनस्क योग (गुरु गोरखनाथ - सहज समाधि, तारक योग एवं मनोलय विज्ञान सटीक)
Amanaska Yoga with Intro by MM Gopinath Kaviraj
गुरु गोरखनाथ (भूमिका: महामहोपाध्याय गोपीनाथ कविराज) द्वारा
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परन्तु अमनस्ककार ने केवल मनोनिवृत्ति पर ही जोर दिया है । मनोनिवृत्ति
हो जाने पर गुरुकृपा का चरम लक्ष्य स्फुरित हो जाता है ।
यह ग्रन्थ अपूर्व है । इसमें शांभवी धरायंत्र प्रभृति प्रक्रियाओं के विषय
में विलक्षण तथा विशिष्ट बातोंकी चर्चा की गयी है जो योगमार्ग के चलनशील
पथिकों के लिए उपयोगी होगा । ग्रन्थ में अनुवाद तथा मुद्रण में स्थान-स्थान
पर कुछ स्खलन लक्षित हुआ है । आशा है यह पुनः प्रकाशन के समय ठीक
हो जायगा ।
२ । ए, सिगरा, वाराणसी । }
६ दिसंबर १६६७ । } —गोपीनाथ कविराज
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