आल्हा-खण्ड / परमाल रासो (महाकवि जगनिक - ५२ लड़ाइयों का ऐतिहासिक वीरगाथा महाकाव्य)

आल्हा-खण्ड / परमाल रासो (महाकवि जगनिक - ५२ लड़ाइयों का ऐतिहासिक वीरगाथा महाकाव्य)
Alha-Khand (Parmal Raso) of Mahakavi Jagnik
महाकवि जगनिक द्वारा
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बेलाताहरकामैदान । ५८३ १६
विपति निवारण जगतारण के दूनों धरों चरणपर माथ २०१
करों तरंग यहाँसों पूरण तवपद सुमिरि भवानीकन्त ॥
रामरमामिलि दर्शन देवो इच्छा यहीमोरि भगवन्त २०२
इति श्रीलखनऊनवासि ( सी, आई, ई ) मुंशीनवलकिशोरात्मजबाबू
प्रयागनारायणजीकीआज्ञानुसार उन्नामप्रदेशान्तर्गतपँडरीकलां
निवासिमिश्रवंशोद्भव बुधकृपाशङ्करसूनुपण्डितललिताप्रसाद
कृत ताहरबधवर्णनोनामप्रथमस्तरङ्गः ॥ १ ॥
बेलाताहरकामैदानसमाप्त ॥
इति ॥