ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)
Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation
महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय द्वारा
स्रोत: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंविषय-सूची
प्रथम पञ्चिका—
१ला अध्याय—दीक्षणीय इष्टि। प्रारम्भिक कृत्य १७-२८
२रा अध्याय—प्रायणीय इष्टि २९-३७
३रा अध्याय—सोमक्रय। अग्नि-मंथन। आतिथ्येष्टि ३८-५१
४था अध्याय—प्रवर्ग्य इष्टि। उपसद्। तानूनपत्रम् ५२-७२
५वाँ अध्याय—अग्निप्रणयन। सोमक्रय। हविर्धानों
को प्राचीन वंश से उत्तर वेदी पर
ले जाना ... ७३-८५
द्वितीय पञ्चिका—
१ला अध्याय—पशु इष्टि ८९-११०.
२रा अध्याय—पशु इष्टि के शेष कृत्य। प्रातरनु-
वाक। सोमपा देवता। असोमपा
देवता ... १११-१२२
३रा अध्याय—अपोनप्त्रीय। वसतीवरी और एकधना
जल। उपांशु और अन्तर्याम पात्र।
बहिष्पवमान का स्तोत्र और होता।
पुरोडाशका पुरोडाशत्व। हविष्पंचक।
नराशंस पंचक। सवन पंचक ... १२३-१३२
४था अध्याय—सोमपान का अधिकार और देव।
ऐन्द्रवायवीग्रह। मैत्रावरुण ग्रह, अश्विन
ग्रह। तूष्णीशंस ... १३३-१४२