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सर्वकोश
अभिधर्मकोश एवं भाष्य (आचार्य वसुबन्धु - स्फुटार्था व्याख्या सहित सम्पूर्ण बौद्ध दर्शन महाकोश)

अभिधर्मकोश एवं भाष्य (आचार्य वसुबन्धु - स्फुटार्था व्याख्या सहित सम्पूर्ण बौद्ध दर्शन महाकोश)

Abhidharmakosha and Bhashya of Vasubandhu with Commentary

आचार्य वसुबन्धु (टीकाकार: यशोमित्र, सम्पादक: स्वामी द्वारिकादास शास्त्री) द्वारा

DevanagariSanskritpublished1,258 पृष्ठ

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पृष्ठ 17

, there is a horizontal dividing line: —————.
That horizontal line is roughly level with एषा कर्मपथानां त्रिविधफलं or कथम् ? ७१२.

Let's count the lines on the right side:

  1. कतमत् कर्म कतिभिः फलैः
  2. प्रहाणम् ? ७१४
  3. प्रयोगविहितादीनां कर्मणां
  4. लक्षणम् ७२०
  5. कर्मावरणम् ७२३
  6. किंस्वभावान्यानन्तर्याणि ७२५
  7. त्रीणि पुण्यक्रियावस्तूनि ७३६
  8. किमिदं दानं नाम ? ७४०
  9. कर्मणां गुरुलघुत्वयोः षट्
  10. कारणानि ७४५
  11. कथं कर्मोपचितं भवति ? ७४६
  12. शीलमयं कर्म ७४६
  13. समाहितं कर्म ७५१
  14. लिपिमुद्रागणनादीनां स्वभावः ७५३

Count = 14 lines on the right!

Now count the lines on the left side:

  1. प्राणातिपातकर्मपथलक्षणम् ६८४
  2. अदत्तादानम् ६८७
  3. अगम्यगमनम् ६८