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यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Yajurveda Samhita with Hindi Translation

by डा. रेखा व्यास

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

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DevanagariSanskritpublished421 pages

Page 306 of 421

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Page 306

उत्तरार्ध चौबीसवां अध्याय
कृष्णग्रीवा ऽ आग्नेया बभ्रवः सौम्याः श्वेता वायव्या ऽ अविज्ञाता ऽ अदित्यै सरूपा धात्रे
वत्सप्तर्यो देवानां पत्नीभ्यः.. (९)
काली गरदन वाले अग्नि, भूरे रंग वाले सोम, सफेद रंग वाले वायु से संबंधित
हैं. अज्ञात रंग वाले आदित्य देव से संबंधित हैं. सुंदर रंग वाले धाता देव से संबंधित
हैं. बछियां देव पत्नियों से संबंधित हैं. ( ९ )
कृष्णा भौमा धूम्ना ऽ आन्तरिक्षा बृहन्तो दिव्याः शबला वैद्युताः सिध्मास्तारकाः.. (१०)
काले रंग के पशु भूमि के लिए, धुएं जैसे अंतरिक्ष हेतु विशाल पशु स्वर्ग के
लिए, बहुरंगी विद्युत् हेतु और कुष्ठी पशु तारकों के लिए हैं. ( १० )
धूम्रान्वसन्तायालभेते श्वेतान्ग्रीष्माय कृष्णान्वर्षाभ्योऽरुणाञ्छरदे पृषतो हेमन्ताय
पिशङ्गाञ्छिशिराय.. (११)
धुएं जैसे रंग के पशु वसंत, सफेद जैसे रंग के पशु ग्रीष्म ऋतु व काले जैसे रंग
के पशु वर्षा ऋतु के लिए हैं. गुलाब जैसे रंग के पशु शरद ऋतु के लिए, चितकबरे
रंग के पशु हेमंत ऋतु व काले, पीले रंग के पशु शिशिर ऋतु के लिए हैं. ( ११ )
त्र्यवयो गायत्र्यै पञ्चावयस्त्रिष्टुभे दित्यवाहो जगत्यै त्रिवत्सा ऽ अनुष्टुभे तुर्यवाह ऽ
उष्णिहे.. (१२)
डेढ़ वर्ष के गायत्री हेतु, ढाई वर्ष के त्रिष्टुप् के लिए, तीन वर्ष के अनुष्टुप् हेतु,
साढ़े तीन वर्ष के उष्णिग् छंद के लिए हैं. ( १२ )
पष्ठवाहो विराज ऽ उक्षाणो बृहत्या ऽ ऋषभाः ककुभेनड्वाहः पङ्क्त्यै
धेनवौतिच्छन्दसे.. (१३)
पीछे से भार ढोने वाले विराज छंद के लिए हैं. वीर्य सिंचक बृहती छंद के लिए
हैं. बलवान ककुप् छंद के लिए हैं. गाड़ी खींचने वाले पंक्ति छंद के लिए दूध देने
वाले अतिच्छंद के लिए हैं. ( १३ )
कृष्णग्रीवा ऽ आग्नेया बभ्रवः सौम्या ऽ उपध्वस्ताः सावित्रा वत्सप्तर्यः सारस्वत्यः
श्यामाः पौष्णाः पृश्नयो मारुता बहुरूपा वैश्वदेवा वशा द्यावापृथिवीयाः.. (१४)
काली गरदन वाले अग्नि व भूरे सोम से संबंधित हैं. मिश्रित रंग वाले सविता
देव व छोटी बछियां सरस्वती देवी से संबंधित हैं. काले रंग के पूषा देव से संबंधित
हैं. चितकबरे मरुद्गण से संबंधित हैं. बहुरूप वाले विश्व से संबंधित हैं. वंध्या गाएं
स्वर्गलोक व पृथ्वीलोक से संबंधित हैं. ( १४ )
उक्ताः सञ्चरा ऽ एता ऽ ऐन्द्राग्नाः कृष्णा वारुणाः पृश्नयो मारुताः कायास्तूपराः.. (१५)
कहे गए संचरणशील पशु इंद्र देव और अग्नि के लिए हैं. काले रंग के पशु
३०६ - यजुर्वेद