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यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Yajurveda Samhita with Hindi Translation

by डा. रेखा व्यास

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

DevanagariSanskritpublished421 pages

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उत्तरार्ध इक्कीसवां अध्याय
का भार वहन करने वाली गाय हमारे लिए बल एवं आयु धारण करने की कृपा
करें. ( १७ )
दैव्या होतारा भिषजेन्द्रेण सयुजा युजा.
जगती छन्द ऽ इन्द्रियमनड्वागौर्वयो दधु:... ( १८ )
देवताओं के होता, वैद्य इंद्र देव के साथ जुड़ कर रहने वाले हमारे लिए बल और
आयु धारण करने की कृपा करें. जगती छंद, इंद्रियां, मन की गाड़ी को खींचने वाली
गाय हमारे लिए बल और आयु को धारण करने की कृपा करें. ( १८ )
तिस्र ऽ इडा सरस्वती भारती मरुतो विश:.
विराट् छन्द ऽ इहेन्द्रियं धेनुर्गौर्न वयो दधु:... ( १९ )
इड़ा देवी, सरस्वती देवी और भारती देवी तीनों देवियां, मरुद्गण हमारे लिए
बल और आयु धारण करने की कृपा करें. विराट् छंद, इंद्रियां तथा दूध देने वाली
गाय हमारे लिए बल एवं आयु धारण करने की कृपा करें. ( १९ )
त्वष्टा तुरीपो अद्भुत ऽ इन्द्राग्नी पुष्टिवर्धना.
द्विपदा छन्द ऽ इन्द्रियमुक्षा गौर्न वयो दधु:... ( २० )
त्वष्टा देव तेज गति वाले, विलक्षण व मोक्षदाता हैं. इंद्र देव एवं अग्नि
पुष्टिवर्द्धक हैं. द्विपद छंद, इंद्रियां मोक्षदायी गायें हमारे लिए बल और आयु धारण
करने की कृपा करें. ( २० )
शमिता नो वनस्पति: सविता प्रसुवन् भगम्.
ककुप्छन्द ऽ इहेन्द्रियं वशा वेहद्वयो दधु:... ( २१ )
वनस्पति हमारे लिए शांतिदायी हो. सविता देव हमारे लिए सौभाग्य उपजाने
वाले हों. ककुप् छंद, इंद्रियां एवं अनुशासित गौ हमारे लिए आयु तथा बल धारण
करने की कृपा करे. ( २१ )
स्वाहा यज्ञं वरुण: सुक्षत्रो भेषजं करत्.
अतिच्छन्दा ऽ इन्द्रियं बृहदृषभो गौर्वयो दधु:... ( २२ )
यज्ञ के लिए स्वाहा. वरुण देव के लिए स्वाहा. श्रेष्ठ क्षत्रिय के लिए स्वाहा.
ओषधियों के लिए स्वाहा. अतिच्छंदा छंद, इंद्रियां विशाल बैल वाली गाय हमारे
लिए बल एवं आयु धारण करने की कृपा करें. ( २२ )
वसन्तेन ऋतुना देवा वसवस्त्रिवृता स्तुता:.
रथन्तरेण तेजसा हविरिन्द्रे वयो दधु:... ( २३ )
वसुदेवगणों की वसंत ऋतु तथा त्रिवृत छंद से स्तुति की गई है. वसुदेवगण की
यजुर्वेद - २७३