यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Yajurveda Samhita with Hindi Translation
by डा. रेखा व्यास
Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)
DevanagariSanskritpublished421 pages
Page 180 of 421
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पूर्वार्ध चौदहवां अध्याय
सोम उस के स्वामी हुए. इकत्तीस अंगों से परमपिता की स्तुति की गई. उन अंगों से
प्रजा को सिरजा. स्त्री और पुरुष को उन का स्वामी बनाया. उस से प्राणी सुखी हुए.
प्रजापति परम श्रेष्ठ हैं. वे ही सब के और लोकों के स्वामी हैं. सभी इंद्र देव की
स्तुति करते हैं. ( ३१ )
१८० - यजुर्वेद