Skip to content
SarvaKosh
श्री रामकृष्ण वचनामृत (प्रथम भाग - सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' द्वारा अनूदित)

श्री रामकृष्ण वचनामृत (प्रथम भाग - सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' द्वारा अनूदित)

Sri Ramakrishna Vachanamrita (Part 1 - Tr. Nirala)

by श्री 'म' (महेंद्रनाथ गुप्त) / सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'

Public domain in India · Report a copyright issue

DevanagariHindipublished711 pages

Page 225 of 711

Read in context
Page 225

२०२ श्रीरामकृष्णवचनामृत १३/२० मई, १८८३

श्रीरामकृष्ण भावमग्न होकर यह कीर्तन का गाना सुन रहे हैं। गोस्वामी कीर्तनिया इन गानों को गा रहे हैं। अगले रविवार को फिर दक्षिणेश्वर मन्दिर में वही गाना होगा। उसके बाद के शनिवार को फिर अधर के मकान पर वही कीर्तन होगा।

□ □ □