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सर्वकोश
श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण

श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण

Shrimad Valmiki Ramayana

महर्षि वाल्मीकि द्वारा

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महात्मा नरेशोंके लिये अन्न-पान एवं वस्त्र आदिकी भी व्यवस्था करायी॥ २६ १/२ ॥

तदनन्तर शत्रुघ्नसहित भरतने नैमिषारण्यको प्रस्थान किया। उस समय वहाँ सुग्रीवसहित महात्मा वानर जितने भी श्रेष्ठ ब्राह्मण वहाँ उपस्थित थे, उन सबको रसोऽइ परोसनेका काम करते थे॥ २७-२८ ॥

स्त्रियों तथा बहुत-से राक्षसोंके साथ विभीषण उग्र तपस्वी महात्मा मुनियोंके स्वागत-सत्कारका काम सँभालते थे॥ २९ ॥

इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें इक्यानबेवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ९१ ॥