शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary
by शार्ङ्गधराचार्य
Source: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (origin)
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मर्म-परिचय 44 पञ्चतन्मात्राएँ 50
सिरा-परिचय 44 तन्मात्राओं के स्थूल रूप 50
धमनी-परिचय 44 इन्द्रियों के विषय 50
पेशी-परिचय 45 प्रकृति-परिचय 50
कण्डरा-परिचय 45 प्रकृति-विकृति 51
रन्ध्र-परिचय 45 सोलह-विकार 51
मल तथा स्रोतस्-परिचय 45 जीवात्मा का निवास-स्थान 51
जाल-परिचय 45 जीवात्मा का स्वरूप 51
कूर्च्च-परिचय 45 जीवात्मा के प्रतिबन्धक 51
रज्जु-परिचय 45 मोह का लक्षण 51
सेवनी-परिचय 45 अहङ्कार का लक्षण 51
सङ्घात-परिचय 45 काम का लक्षण 51
सीमन्त-परिचय 46 क्रोध का लक्षण 52
जिह्वा-परिचय 46 लोभ का लक्षण 52
हृदय-परिचय 46 रोग-आरोग्य के लक्षण 52
फुफ्फुसादि का स्थान 46 षष्ठोऽध्यायः
फुफ्फुस-परिचय 46 आहार-परिचय 53
प्लीहा-परिचय 46 आहार के भेद 53
यकृत्-परिचय 46 पाचन-प्रकार 53
क्लोम-परिचय 46 ग्रहणी-परिचय 53
वृक्क-परिचय 47 जठराग्नि के कार्य 54
वृषण-परिचय 47 रस-परिपाक 54
लिंग-परिचय 47 अपक्वरस से हानि 54
गर्भाशय-परिचय 47 रस, मल, मूत्र तथा वली-परिचय 54
शरीर-पोषण के प्रकार 47 रक्तनिर्माण-प्रक्रिया 54
प्राणवायु द्वारा शरीर-पोषण 47 रक्त का महत्त्व 54
जीवन-मरण-परिभाषा 48 रसादि धातुओं का परिणाम-क्रम 55
रोग-निवृत्ति का महत्त्व 48 गर्भावतरण-क्रम 55
चिकित्सा का महत्त्व 48 पुत्र-कन्या की उत्पत्ति में कारण 55
रोगनिवारण-निर्देश 48 जातकर्म-संस्कार 55
समदोष का महत्त्व 48 मन्त्र 56
स्वस्थ की परिभाषा 49 नाल-छेदन 56
सृष्टि क्रम 49 अभिमन्त्रण-मन्त्र 56
सृष्टि में प्रकृति का योगदान 49 स्त्री की देख-रेख 57
बुद्धि आदि तत्त्वों की उत्पत्ति 49 प्रसूतासंज्ञा 57
दस इन्द्रियाँ 50 प्रसूता का आहार-विहार 57