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सौन्दर्यलहरी (जगद्गुरु आदि शंकराचार्य - आनन्दलहरी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या सटीक)

सौन्दर्यलहरी (जगद्गुरु आदि शंकराचार्य - आनन्दलहरी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या सटीक)

Saundaryalahari of Adi Shankaracharya with Hindi Commentary

by जगद्गुरु आदि शंकराचार्य

DevanagariHindipublished415 pages

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Page 136

सहस्रार --- गुह्चक्र
१५ समनी --- उन्मनी १६
१३ शक्ति --- व्यापिका १४
११ नाद --- महानाद १२
९ अर्धेन्दु --- निरोधिका १०
७ आज्ञाचक्र --- बिन्दु ८
५ विशुद्ध
अनाहत् ४
हृदयचक्र
मणिपूर ३
२ स्वाधिष्ठान
१ मूलाधार --- योनिस्थान
स्वयंभूलिङ्ग --- कन्द --- कुण्डलिनी
जी हिरालाल देवल
The different yogic plexuses