सौन्दर्य-निखार (स्वदेशी चिकित्सा)
Saundarya Nikhar (Swadeshi Chikitsa)
by राजीव दीक्षित
Source: Azadi Bachao Andolan First Edition · Azadi Bachao Andolan · 2010 (origin)
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खीरे के रस में बंदगोभी के पत्तां का रस तथा शहद मिलाकर लगाएं तथा आधा घण्टा बाद चेहरा धो डालें। चेहरे की कालिमा कम होगी और निखार आएगा।
चेहरा तैलीय हो तो 1 चम्मच संतरे का रस तथा दो चम्मच मुलतानी मिट्टी का लेप बनाकर लगाएं तथा सूखने के बाद धो दें।
त्वचा रूखी-सूखी रहती हो तो आधा चम्मच शहद में आधा चम्मच जैतून का तेल तथा आधा चम्मच पिप्सी मुलतानी मिट्टी मिलाकर गाढ़ा लेप बनाकर चेहरे पर लगाएं तथा आधा घण्टा बाद धो दें।
फटे होंठों पर अरण्डी के तेल में गुलाबजल व शहद मिलाकर लगाने से लाभ हो जाता है।
मधुमक्खी का मोम 1 चम्मच, बादाम रोगन 2 चम्मच तथा गुलाबजल आधा चम्मच एक में मिश्रण करके लगाने से होंठों की फटन ठीक हो जाती है।
सूर्य की गर्मी से चेहरे की त्वचा झुलस जाए तो दही में गुलाबजल मिलाकर लगाएं। खीरा के रस में ग्लिसरीन मिलाकर लगाने से भी फायदा होगा।
त्वचा तैलीय हो, साँवलापन हो और मुहोंसे निकल रहे हों तो 1 चम्मच मसूर की दाल, 1 चम्मच चंदन चूर्ण, 1 चम्मच हरदार, 3 चम्मच हल्दी, आधा चम्मच जायफल, 1 चम्मच छारछबीला, 1 चम्मच कूठ, 1 चम्मच चिरौंजी तथा तिहाई चम्मच कपूर लेकर कूट-पीसकर मिश्रण बना लें। इसमें से ज़रूरत भर चूर्ण लेकर पानी में उबटन सा बनाएं और सबेरे तथा रात में चेहरे पर लगाकर सूखने तक छोड़ दें। पश्चात् लेप छुड़ाकर पानी से चेहरा धो लें। कुछ दिन नियमित यह प्रयोग आजमाएं, पर्याप्त लाभ मिलेगा।
सेब का रस 1 चम्मच, तुलसी के पत्तां का रस 1 चम्मच तथा नींबू का रस 2 चम्मच मिलाकर तथा लगभग आधा घण्टा बाद गुनगुने पानी से धो दें। दिन में दो बार यह प्रयोग करते रहने से धीरे-धीरे दाग, धब्बे, मुहोंसे कील, झाँइयाँ, काले घेरे आदि दूर होकर चेहरे में निखार आ जाता है।
नींबू व संतरे के सूखे छिलके, नीम व गुलाब की सूखी पत्तियाँ समान मात्रा में तथा इन सबके वजन के बराबर मुलतानी मिट्टी लेकर कपड़छन चूर्ण बनाकर रख लें। इसमें से आवश्यकतानुसार चूर्ण पानी में लेप बनाकर चेहरे व गर्दन पर लगाएं तथा सूखने पर धो दें।
इस नुस्खे के इस्तेमाल से चेहरे की त्वचा दाग, धब्बे रहित होकर स्निग्ध और चमकीली बनती है।
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