सर्वदर्शनसंग्रह (षोडश दर्शन विमर्श - हिन्दी अनुवाद)
Sarva-Darshana-Sangraha with Hindi Commentary
माधवाचार्य (विद्यारण्य स्वामी) / पं. उमाशंकर शर्मा ऋषि द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंसमर्पण ।
भारतवर्षके गौरवस्तम्भ वैश्यवंशावतंस परमोदार देशत्राता
(संस्कृत) उद्धारक वश्यकुलचूडामणि श्रीमान्
सेठ-खेमराज श्रीकृष्णदासजी महोदय
श्रीमन् !
आपने संस्कृतभाषाकी उन्नति करके हम भारतवासियोका परम उपकार
किया है। ईश्वर-आप ऐसे धर्मरक्षक, दानशील और आर्ष एव आधुनिक
ग्रन्थोंके प्रचार करनेवालोकी सख्या प्रतिदिन बढावे ।
प्राचीन ग्रन्थोमें माध्याचार्य्यविरचित “सर्वदर्शनसंग्रह” नामक दर्शन
ग्रन्थ भारतवर्षमे-भलीभाँति प्रख्यात है-परन्तु ग्रन्थ केवल संस्कृतभाषाम होनेके
कारण सर्वोपयोगी नही होते देखकर मैने इसका भाषाम सरल अनुवाद किया
है, जिससे सब लोगोका उपकार हो ।
इस सानुवाद ग्रन्थको आपके करकमलम अर्पणकर आशा करताहूं किं
आप इसे सुन्दर कागजपर शुद्ध छापकर सम्पूर्ण भारतवर्षमे विज्ञापनद्वारा
सूचना दे प्रचारित करेंगे। जिससे लोगोंका उपकार होगा एव आपकी अतुल
कीर्ति फैलगा ।
स्थान-मधुरा पुर, | आपका-शुभाचिंतक-
जि० मुजफ्फरपुर. | उदयनारायणसिंह शा० ।