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ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

DevanagariSanskritpublished1,855 pages

Page 742 of 1855

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Page 742

ऋभुतो रयिः प्रथमश्रवस्तमो वाजश्रुतासो यमजीजनन्नरः.
विभवष्टष्टो विदथेषु प्रवाच्यो यं देवासोऽवथा स विचर्षणिः.. (५)
वह प्रमुख एवं अन्नयुक्त धन ऋभुओं के पास से हमारे पास आवे, जिसे प्रसिद्ध नेता
ऋभुओं ने वाजगण के साथ मिलकर उत्पन्न किया था. विभुओं द्वारा अश्विनीकुमारों के लिए
बनाया रथ यज्ञ में विशेष प्रशंसनीय है. हे देवो! तुम जिसकी रक्षा करते हो, वह विशेष रूप से
प्रशंसनीय बन जाता है. (५)
स वाज्यर्वा य ऋषिर्वचस्यया स शूरो अस्ता पृतनासु दुष्टरः.
स रायस्पोषं स सुवीर्यं दधे यं वाजो विब्वाँ ऋभवो यमाविषुः.. (६)
वाजगण, ऋभु एवं विभु जिस मनुष्य की रक्षा करते हैं, वह बलवान्, रणकुशल, ऋषि,
स्तुतियोग्य, शूर, शत्रुओं को हराने वाला, युद्ध में अपराजेय तथा धन, पुष्टि एवं पुत्र-पौत्रादि
धारण करने वाला होता है. (६)
श्रेष्ठं वः पेशो अधि धायि दर्शंतं स्तोमो वाजा ऋभवस्तं जुजुष्टन.
धीरासो हि ष्ठा कवयो विपश्चितस्तान्व एना ब्रह्मणा वेदयामसि.. (७)
हे वाजगण एवं ऋभुगण! तुम्हारे द्वारा धारण किया हुआ रूप दर्शनीय होता है. हमने
तुम्हारे योग्य यह स्तोत्र बनाया है, तुम इसे स्वीकार करो. हम स्तोत्र द्वारा तुम बुद्धिमान् कवि
और ज्ञानी देवों को अपनी प्रार्थना सुनाते हैं. (७)
यूयमस्मभ्यं धिषणाभ्यस्परि विद्वांसो विश्वा नर्याणि भोजना.
द्युमन्तं वाजं वृषशुष्ममुत्तममा नो रयिमृभवस्तक्षता वयः.. (८)
हे ऋभुओ! हमारी स्तुति के बदले तुम मानव-हित करने वाली सभी उपभोग की
वस्तुओं को जानकर बनाओ. हमारे निमित्त दीप्तिसंपन्न, शक्ति उत्पन्न करने वाला एवं बली
शत्रुओं का नाश करने वाला अन्न उत्पन्न करो. (८)
इह प्रजामिह रयिं रराणा इह श्रवो वीरवत्तक्षता नः.
येन वयं चितयेमात्यन्यान्तं वाजं चित्रमृभवो ददा नः.. (९)
हे ऋभुओ! तुम हमारे इस यज्ञ में प्रसन्न होकर पुत्र-पौत्रादि, धन एवं भृत्यों से युक्त यश
संपादन करो. हमें ऐसा सुंदर अन्न दो, जिसे खाकर हम अन्य लोगों से श्रेष्ठ बन सकें. (९)
सूक्त—३७ देवता—ऋभुगण
उप नो वाजा अध्वरमृभुक्षा देवा यात पथिभिर्देवयानैः.
यथा यज्ञं मनुषो विश्वा३ सु दधिध्वे रण्वाः सुदिनेष्वह्नाम्.. (१)
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