ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
by डा. गंगा सहाय शर्मा
Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)
Page 1706 of 1855
Read in contextसहस्व मन्यो अभिमातिमस्मे रुजन्पृणन्प्रमृणन् प्रेहि शत्रून्.
उग्रं ते पाजो नन्वा रुरुध्वे वशी वशं नयस एकज त्वम्.. (३)
हे मन्यु! हम पर आक्रमण करने वाले शत्रु को हराओ. तुम शत्रुओं को मारते हुए,
विशेषरूप से उनकी हिंसा करते हुए एवं सदा के लिए समाप्त करते हुए उनके पास जाओ.
तुम्हारा उग्र बल रोका नहीं जा सकता. तुम अकेले ही शत्रुओं को वश में कर लेते हो. (३)
एको बहूनामसि मन्यवीळितो विशंविशं युधसे सं शिशाधि.
अकृत्तरुक्त्वया युजा वयं द्युमन्तं घोषं विजयाय कृण्महे.. (४)
हे प्रशंसित मन्यु! तुम अकेले ही बहुत से शत्रुओं को हरा सकते हो. तुम हमारे प्रत्येक
व्यक्ति को युद्ध के लिए तीखा बनाओ. हे अच्छिन्न दीप्ति वाले मन्यु! तुमसे मिलकर हम
विजय के लिए सिंह के समान शक्तिशाली गर्जन करते हैं. (४)
विजेषकृदिन्द्रइवानवब्रवोऽस्माकं मन्यो अधिपा भवेह.
प्रियं ते नाम सहुरे गृणीमसि विद्मा तमुत्सं यत आबभूथ.. (५)
हे मन्यु! तुम इंद्र के समान विजय प्राप्त करने वाले एवं अनिंदित वचन हो. तुम इस यज्ञ
में हमारे विशेष रक्षक बनो. हे शत्रुओं को सहन करने वाले मन्यु! हम तुम्हारी प्रिय स्तुति करते
हैं. हम उस शक्ति के उद्गमरूप स्तोत्र को जानते हैं जिससे तुम बढ़ते हो. (५)
आभूत्या सहजा वज्र सायक सहो बिभर्ष्यभिभूत उत्तरम्.
क्रत्वा नो मन्या सह मेद्येधि महाधनस्य पुरुहूत संसृजि.. (६)
हे वज्र के समान सारयुक्त एवं बाण के समान शत्रुनाशक एवं शत्रुपराभवकारी मन्यु!
शत्रु को पराजित करना तुम्हारा स्वाभाविक गुण है तथा तुम उत्तम तेज धारण करते हो. तुम
यज्ञकर्म के कारण युद्ध में हमारे प्रति स्नेहपूर्ण बनो. बहुत से लोग तुम्हें बुलाते हैं. (६)
संसृष्टं धनमुभयं समाकृतमस्मभ्यं दत्तां वरुणश्च मन्युः.
भियं दधाना हृदयेषु शत्रवः पराजितासो अप नि लयन्ताम्.. (७)
वरुण और मन्यु दोनों ही हमें भली प्रकार लाया हुआ एवं विभक्त न होने वाला अन्न दें.
हमारे शत्रु अपने मन में भयभीत एवं पराजित होकर भाग जावें. (७)
सूक्त—८५ देवता—सोम
सत्येनोत्तभिता भूमिः सूर्येणोत्तभिता द्यौः.
ऋतेनादित्यास्तिष्ठन्ति दिवि सोमो अधि श्रितः.. (१)
देवों में सत्यरूप ब्रह्मा ने धरती को ऊपर रोक लिया है एवं सूर्य ने द्युलोक को धारण
ebook converter DEMO Watermarks*