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रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

Rasaratna Samuchchaya Hindi

by रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री)

Source: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (origin)

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DevanagariHindipublished362 pages

Page 118 of 362

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२८रसरत्नसमुच्चये-

( २ ) चर्मार: Metacinnabar ( Hgs )
यह कृष्णवर्ण का खनिज है। इसका रासायनिक सङ्घठन रक्त हिङ्गुल (जपाकुसुम-सङ्काश = Bright Red Sulphide) का ही सा है। यह मृत्तिका रूप में और रवों के रूप में पाया जाता है। यह मृत्तिका रूप में अधिक पाया जाता है। रवों के रूप में इसकी कठोरता ३ है तथा विशिष्ट गुरुत्व (Specific gravity. ७०८१ होता है। इसको चीनी मिट्टी की कसौटी पर रगड़ने से काली लकीर खिचती है। देखने में यह धातु की सी द्युतिवाला होता है। मृत्तिकाकृति में विशिष्ट गुरुत्व कुछ कम होता है इसी को रस कामधेनु नामक रसग्रन्थ में "चर्मारः कृष्णरूपः स्यात्" इस रूप में वर्णित किया गया है।

३ हीरकद्युति = केलोमल ( Calomel Hg 2 Cl 2 )
यह हीरे के समान द्युति ( कान्ति ) वाला ( 'हीरकद्युति सङ्काशम्, रस कामधेनु ) रवेदार पारद का खनिज है। इसे मरक्युरस क्लोराइड या केलोमल कहते हैं।
प्राप्ति— यह प्राकृतिक दशा में स्पेन देश के इड्रिया ( Idria ) अल्माडन ( Almaden ) नामक स्थान में स्वल्प मात्रा में पाया जाता है। यह रवों ( कण Crystals ) के रूप में ही प्रायः मिलता है। इसके रवे बहुत ही जटिल सङ्घठन के होते हैं। इसका रङ्ग श्वेत या पाण्डु होता है। चीनी मिट्टी की कसौटी पर रगड़ने से अल्पपीताभ-श्वेत लकीर खिंचती है। इसके रवे की चमक हीरे की सी होती है। इसका विशिष्ट गुरुत्व ६०५ होता है। भारतीय रसशास्त्रियों को इस पारदीय खनिज का पूर्ण ज्ञान था। रस कामधेनु ग्रन्थ में इसका जो वर्णन लिखा है वह बहुत ही सुन्दर तथा यथार्थ है। उसमें संक्षेप से इसके विषय की प्रायः सभी बातें आगई हैं।

"हीरकद्युतिसङ्काशं प्रमाणाद्धीरकात् क्वचित्" ( रसकामधेनु पृ० ५७३ )

इस खनिज का निम्न अङ्ग्रेजी वर्णन प्राचीन मत के साथ बहुत कुछ मिलता जुलता है।

Calomel ( Hg 2 Cl 2 )
This is Mercurous chloride and is found at Idria and at Almaden as one of the minor mercury minerals. It occurs in crystal so often highly complex of the tetragonal system.
Lustre adamantine (हीरकद्युतिसङ्काशम्) Fracture conchoidal (प्रमाणाद्धीरकात्क्वचित्) Colour white, or yellowish grey: Streak Pale, yellowish-White, hardness 1 to 2 specific gravity 6.5 Loc. Cit. Page.

इस अवतरण के शब्द जब रस कामधेनु के अवतरण के साथ मिलाये जाते हैं तो ऐसा प्रतीत होता है कि प्राचीन रस शास्त्रियों ने भली प्रकार खान पर बैठ कर नमूना