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रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

Rasaratna Samuchchaya Hindi

by रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री)

Source: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (origin)

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DevanagariHindipublished362 pages

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प्रथमोऽध्यायः ।
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अत एव हमें सर्व प्रथम अपने ज्ञान को सर्वसमुन्नत बनाना ही चाहिए। तथा रसचिकित्सा में कौन पदार्थ कैसा है, कहां प्राप्त होता है, किस रूप में प्राप्त होता है, आदि अनेक ज्ञान की पूर्णावश्यकता है। इस लिये इस रसग्रन्थ में प्रत्येक पदार्थ की समाप्ति के पश्चात् उसका पूर्ण परिचय कराना मेरा परम कर्तव्य है।

पारद = मर्करी । Mercury.—इस धरातल (संसार) में जितने भी खनिज द्रव्य हैं वे सब पृथ्वी के भीतर अर्थात् भूगर्भ में उत्पन्न होते हैं। उन में पारद ही एक ऐसा खनिज है जो साधारण तापक्रम (Normal Temperature) पर द्रवरूप में प्राप्त होता है। पारद का स्वरूप पिघली हुई चांदी के समान होता है इसी कारण रसकामधेनु में इसको गलद्रूप्यनिभम् (अर्थात् द्रुतचांदी के सदृश) कहा है। तथा सम्भव है कि पाश्चात्य वैज्ञानिकों ने भी इसको क्विक्-सिल्वर (quick silver) इसी हेतु से कहा है। पारद का सङ्केत (सिम्बोल Symbol) Hg. है तथा इसका परमाणुभार(१) (एटोमिक वेट Atomic weight.) २०० है तथा इसको तत्व(२) (एलीमेण्ट Element) माना है। इसका आपेक्षिक घनत्व(३) (Relative Density) १३०५९ है।

यह ३९° सें० पर जमता है अर्थात् इसका हिमाङ्क(४) Freezing Point ३९° सें० है तथा ३५९° सें० पर उबलता है अर्थात् इसका क्वथनाङ्क(५) (Boiling Point) ३५९° सें० है।

पारद की उपस्थिति—

पारद कभी कभी मुक्तावस्था में या स्वतन्त्र रूप से प्रकृति में अत्यल्प मात्रा में


(१) किसी तत्त्व के परमाणुभार को एकाङ्ग (unit) मान कर उसकी तुलना से दूसरे तत्त्वों के परमाणुभार के जो अङ्क प्राप्त होते हैं उन्हें 'परमाणुभार' (Atomic weight) कहते हैं। प्रा० र०
(२) जिन्हें रासायनिक दृष्टि से दो वा दो से अधिक पदार्थों में विच्छिन्न (पृथक्) नहीं कर सकते हैं ऐसे पदार्थों को 'तत्व' (Elements) कहते हैं। प्रा० र०
(३) जब एक पदार्थ के घनत्व की किसी दूसरे पदार्थ के घनत्व से तुलना की जाती है तब इसे आपेक्षिकघनत्व (Relative Density) कहते हैं तथा किसी पदार्थ के इकाई आयतन (Unit Volume) में कितनी मात्रा (Mass) विद्यमान है इसी को घनत्व (Density) कहते हैं। प्रा० र०
(४) जिस तापक्रम पर द्रव पदार्थ घन बनते हैं उसे 'हिमाङ्क' (Freezing Point) कहते हैं।
(५) जिस तापक्रम पर द्रव उबलने लगता है वह तापक्रम उस द्रव का 'क्वथनाङ्क' (Boiling Point) कहाता है। प्रा० र०