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नारद स्मृति (हिन्दी अनुवाद सहित)

नारद स्मृति (हिन्दी अनुवाद सहित)

Narada Smriti with Hindi Translation

by देवर्षि नारद

Source: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (origin)

DevanagariSanskritpublished304 pages

Page 270 of 304

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Page 270

आने वाला मजबूत तिनका, 4. मिट्टी के बरतन, मूर्तियां, खिलौना आदि, 5. बांस
अथवा बांस से बनी टोकरी, पिटारी, कुर्सी आदि, 6. बेंत, 7. चमड़ा अथवा चमड़े
से बना सामान—जूता, मशक आदि, 8. शाक तथा हरी सब्जियां-गाजर, आलू,
मूली, शकरकन्दी आदि, 9. फल-फूल, 10. दूध, 11. गन्ना तथा उसके रस से
बना गुड़ आदि, 12. नमक, 13. तेल, 14. पका भोजन, 15. गेहूं, 16. मदिरा तथा
17. मांस आदि।
तुलाधरिम्मेयानां गणिमानां च सर्वतः।
एभ्यस्तूत्कृष्टमूल्यानां मूल्यादष्टगुणो दमः ॥ 25 ॥
उपर्युक्त अल्पमूल्य के सत्रह पदार्थों से अपेक्षाकृत अधिक मूल्य वाले निम्नोक्त
पदार्थों को चुराने वाले चोर से सामान के मूल्य का आठ गुना दण्ड के रूप में वसूल
करना चाहिए—
तराजू, पलड़े, बाट, मापने का फ़ीता, गज़ आदि तथा गिनने का सामान-
कौड़ियां आदि।
धान्य दशभ्यः कुम्भेभ्यो हरतोऽभ्यधिकं वधः।
न्यूनं वैकादशगुणं दण्डं दाप्योऽब्रवीन्मनुः ॥ 26 ॥
मनु के अनुसार दस मटकों से अधिक परिमाण में धान्य चुराने वाले को
शारीरिक दण्ड देना चाहिए। इससे कम परिमाण के धान्य की चोरी के लिए चुराये
गये अन्न के मूल्य का ग्यारह गुना जुर्माने के रूप में वसूल करना चाहिए।
सुवर्णरजतादीनामुत्तमानां च वाससाम्।
रत्नानां चैव मुख्यानां शतादभ्यधिके वधः ॥ 27 ॥
सुवर्ण, रजत, उत्तम वस्त्रों, मुख्य रत्नों—हीरा, पन्ना, पुखराज—आदि की
चोरी करने वाले से इन मूल्यवान् पदार्थों के दाम का सौगुना अर्थ-दण्ड वसूल
करना चाहिए।
पुरुषं हरतः पात्यो दण्ड उत्तमसाहसः ।
सर्वस्वं स्त्रीं तु हरतः कन्यां तु हरतो वधः ॥ 28 ॥
पुरुष के अपहरण का दण्ड उत्तम साहस, स्त्री (विवाहिता) के अपहरण का
दण्ड अपहर्ता के सर्वस्व पर अधिकार तथा कन्या के अपहरण के लिए मृत्यु-दण्ड
देना चाहिए।
महापशूंस्तु नयतो दण्ड उत्तमसाहसः ।
मध्यमो मध्यमपशून् पूर्वः क्षुद्रपशुं हरन् ॥ 29 ॥
गधा, भेड़, बकरी आदि छोटे पशुओं, गाय, बैल और भैंस आदि मध्यम स्तर
के पशुओं तथा अश्व, ऊंट और हाथी आदि बड़े पशुओं को चुराने का क्रमशः पूर्व
साहस, मध्यम साहस तथा उत्तम साहस दण्ड देना चाहिए।
268 / नारदस्मृति