खण्डनखण्डखाद्यम् (महाकवि श्रीहर्ष - अद्वैत न्याय-खण्डन एवं तत्त्व-निर्णय सटीक)
Khandanakhandakhadya of Mahakavi Sriharsha with Commentary
महाकवि श्रीहर्ष द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २० )
३०. द्वितीय प्रत्यक्ष-लक्षण भासमानाकारेन्द्रियसंयोगजम् ) का खण्डन ... २०४
३१. तृतीय प्रत्यक्ष-लक्षण (साक्षात्कारित्वम् ) का खण्डन ... २२०
३२. चतुर्थ प्रत्यक्ष-लक्षण ( इन्द्रियकरणकानुभूतित्वम् ) का खण्डन ... २२२
३३. पञ्चम प्रत्यक्ष-लक्षण (ज्ञानाजन्यज्ञानत्वम् ) का खण्डन ... २२७
३४. षष्ठ प्रत्यक्ष-लक्षण ( षोढासन्निकर्षेतरप्रयुक्तविषयनियमं ज्ञानम् ) का खण्डन ... २३०
३५. सप्तम प्रत्यक्ष-लक्षण ( स्वरूपधीः ) का खण्डन .... ... २३
३६. अष्टम प्रत्यक्ष-लक्षण ( ज्ञानस्य जातिभेदः कश्चित् साक्षात्त्वम् ) का खण्डन ... २३४
३७. नवम प्रत्यक्ष-लक्षण (शब्दानुमानोपमानजप्रमितिव्यतिरिक्तत्वे सति प्रमितित्वम् )
का खण्डन ... २४०
३८. अनुमान-खण्डन में अनुमिति-परामर्श का खण्डन .. ... २४८
३६. ,, व्याप्ति और व्याप्तिग्रहोपाय का खण्डन ... ... २५४
४०. ,, उपाधि-लक्षण का खण्डन ... ... २७३
४१. ,, पक्षता-लक्षण का खण्डन ... ... २८.
४२. उपमान-लक्षण का खण्डन ... ... २८७
४३. शब्द-लक्षण का खण्डन .... २६७
४४. अर्थापत्ति-लक्षण का खण्डन् ... ... ३०४
४५. अनुपलब्धि-लक्षण का खण्डन ... ३०६
४६. हेत्वाभास-खण्डन में असिद्ध-लक्षण का खण्डन ... ... ३१५
४७. ,, विरुद्ध-लक्षण का खण्डन ... ... ३२६
४८. ,, सव्यभिचार-लक्षण का खण्डन ... ... ३३३
४६. ,, सत्प्रतिपक्ष-लक्षण का खण्डन ... ... ३४७
५०. ,, बाध-लक्षण का खण्डन ... ... ३६६
द्वितीय परिच्छेद
५१. प्रतिज्ञाहानि-लक्षण का खण्डन् ... ... ३७६
५२. प्र तज्ञान्तर-लक्षण का खण्डन .. ... ३८२
५३. प्रतिज्ञा-विरोध लक्षण का खण्डन् ... ... ३८६
५४. प्रतिबन्दी-लक्षण का खण्डन ... ... ३६०
५५. अपसिद्धान्त-लक्षण का खण्डन ... ... ३६७
तृतीय परिच्छेद
५६. सर्वनामार्थ का खण्डन् ... .. ४१३
चतुर्थ परिच्छेद
५७. भावत्व लक्षण का खण्डन् ... ... ४२१
५८. अभावत्व-लक्षण का खण्डन ... ... ४२६
५६. विशिष्ट-लक्षण का खण्डन ... ... ४२६
६०. द्रव्य-लक्षण का खण्डन् ... ... ४३१