Skip to content
SarvaKosh
कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola

by आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला

Report a copyright issue

DevanagariSanskritpublished918 pages

Page 768 of 918

Read in context
Page 768

६८४ | कौटिल्य का अर्थशास्त्र | [ बारहवाँ अधिकरण


यितुम्, अमिश्रांश्च श्रेयसा योक्तुम्, प्राणसंशयमनर्थं चोपगन्तुम्' इति । यच्छेत् ।

(१) तथापि प्रतिष्ठमानस्य प्रकृतिकोपमस्य कारयेद् यथा संघवृत्ते व्याख्यातं, योगवामने च । तीक्ष्णरसदप्रयोगं च । यदुक्तमात्मरक्षितके रक्ष्यं, तत्र तीक्ष्णान् रसदांश्च प्रयुञ्जीत ।

(२) बन्धकीपोषकाः परमरूपयौवनाभिः स्त्रीभिः सेनामुख्यानुन्मादयेयुः । बहूनामेकस्यां द्वयोर्वा मुख्ययोः कामे जाते तीक्ष्णाः कलहानुत्पादयेयुः । कलहे पराजितपक्षं परत्रापगमने यात्रासाहाय्यदाने वा भर्तुर्योजयेयुः ।

(३) कामवशान् वा सिद्धव्यञ्जनाः सांवननिकीभिरोषधिभिरतिसन्धानाय मुख्येषु रसं दापयेयुः ।

(४) वैदेहकव्यञ्जनो वा राजमहिष्याः सुभगायाः प्रेष्यामासन्नां काम-


उन भीतरी शत्रुओं का आप विश्वास न करें, अपने मित्रों को खिन्न कर शत्रुओं के कल्याण-साधन मत बनायें, अपने प्राणों को विपत्ति में डालकर अपने धन का इस प्रकार अपव्यय न कीजिए।' इस प्रकार समझाये गये राजा को जिस शर्त पर संधि के लिए तैयार किया जाय, उस शर्त को पूरा करके संधि को पक्की बनाने के लिए यत्न किया जाना चाहिए ।

(१) यदि इस प्रकार समझाने-बुझाने पर भी वह राजी न हो और युद्ध के लिए तैयार हो तो संघवृत्त तथा योगवृत्त अधिकरणों में निर्दिष्ट उपायों के द्वारा उसके प्रकृतिमंडल को कुपित कर देना चाहिए । उस आक्रमणकारी को मारने के लिए तीक्ष्ण तथा रसद गुप्तचर नियुक्त किये जाँय । आत्मरक्षित प्रकरण में जिन रक्षायोग्य स्थानों का निरूपण किया गया है वहाँ पर तीक्ष्ण तथा रसद आदि गुप्त-चरों को नियुक्त कर उस राजा का काम तमाम कर देना चाहिए ।

(२) कुलटा स्त्रियों का पालन-पोषण करने वाले गुप्तचरों को चाहिए कि वे सुन्दर रूपवती युवती स्त्रियों के द्वारा सेना के प्रमुख व्यक्तियों को प्रमादी बनवा दें, जब बहुत सारे अथवा दो सेनामुख्यों को एक ही स्त्री में कामासक्ति हो जाय तब तीक्ष्ण गुप्तचर उनमें परस्पर कलह पैदा कर दें । आपसी झगड़े में जो हार जाय उसको विजिगीषु के पक्ष में भेज दिया जाय और जब विजिगीषु आक्रमण करने लगे तब सहायतार्थ उसको नियुक्त किया जाय ।

(३) अथवा जो सेना मुख्य कामासक्त हों, उन्हें सिद्ध के वेश में रहने वाले गुप्तचर वशीकरण द्वारा उस सुन्दरी युवती को वश में करने के उपायों का बहाना करके विषमिश्रित औषधि खिलाकर मार डालें ।

(४) व्यापारी के वेश में रहने वाला गुप्तचर अति सुन्दरी पटरानी की अंतरंग