कौषीतकि ब्राह्मण (शाङ्खायन ब्राह्मण - उदय प्रणीत व्याख्या सहित सटीक)

कौषीतकि ब्राह्मण (शाङ्खायन ब्राह्मण - उदय प्रणीत व्याख्या सहित सटीक)
Kaushitaki Shankhayana Brahmana with Udaya Commentary
महर्षि कौषीतकि (टीकाकार: उदयसूरि) द्वारा
DevanagariSanskritpublished119 पृष्ठ
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पृष्ठम् XIV
XIV कौषीतकिब्राह्मणविषयसूची
12. वनस्पतियागः । .................................................... 9 (२५) - 10 (९).
13. प्रवृताहुती । ....................................................... 10 (१०-१९).
XI सोमः ।
- प्रातरनुवाकः । ..................................................... 1 - 9.
XII सोमः । - आपोनप्त्रीयम् । .................................................... 1 - 4.
- उपांश्वन्तर्यामग्रहौ । ................................................ 5.
- बहिष्पवमाने होतृकर्म । ............................................. 6 (१) - 7 (५).
- सवनीयः पशुः । ................................................... 7 (६) - 10 (३७).
XIII सोमः । - सदःप्रसर्पणम् । .................................................... 1 (१-८).
- हविष्पङ्क्तियागः । ................................................. 1 (९) - 3 (१९).
- सोमभेदविचारः । .................................................. 4 (१-१२).
- द्विदेवत्यग्रहाः । ................................................... 4 (१३) - 6 (१६).
- अच्छावाकप्रचारः । ................................................ 6 (१७-२४).
- ऋतुयाजाः । ........................................................ 7.
XIV सोमः (प्रातःसवनम्) । - आज्यशस्त्रम् । ..................................................... 1 - 4.
- प्रउगशस्त्रम् । ...................................................... 5 - 7.
XV सोमः (माध्यंदिनसवनम्) । - ग्रावस्तुत्कर्म । ..................................................... 1.
- मरुत्वतीयशस्त्रम् । .................................................. 2 - 4.
- निष्केवल्यशस्त्रम् .................................................... 5, 6.
XVI सोमः (तृतीयसवनम्) । - आदित्यग्रहः । ..................................................... 1.
- आर्भवपवमानस्तोत्रम् । ........................................... 2 (१-१५).
- सावित्रग्रहः । ...................................................... 2 (१६-३५).
पृष्ठम् XV
कौषीतकिब्राह्मणविषयसूची XV
4. वैश्वदेवशस्त्रम् । .................................................... 3 - 5.
5. पत्नीवतग्रहः । ..................................................... 6.
6. आग्निमारुतशस्त्रम् । ................................................. 7, 8.
7. सोमयागदेवतामीमांसा । ........................................... 9.
8. उक्थ्यम् । ........................................................... 10.
XVII सोमः ।
- षोडशी । ........................................................... 1 - 4 (१५).
- अतिरात्रप्रशंसा । ................................................. 4 (१६-२३).
- पर्यायशस्त्राणि । ................................................... 5 - 7.
XVIII सोमः । - आश्विनशस्त्रम् । ................................................... 1 - 4.
- हारियोजनग्रहः । ................................................... 5 (१-१७).
- शाकलहोमः । ...................................................... 5 (१८-२०).
- ज्योतिष्टोमसमापनम् । ............................................ 5 (२१) - 6 (४).
- अवभृथः । ......................................................... 6 (५) - 8 (८).
- अनूबन्ध्या । ...................................................... 8 (९) - 9 (२१).
- उदवसानीयेष्टिः । ................................................. 9 (२२-३६).
XIX गवामयनम् । - अग्निचयनम् । ...................................................... 1 - 4.
- चतुर्विंशमहः । .................................................... 5 - 7.
XX अभिप्लवषडहः । - अभिप्लवषडहप्रशंसा । .............................................. 1.
- ज्योतिः प्रथममहः । ............................................... 2.
- गोर्द्वितीयमहः । ................................................... 3, 4.
- आयुस्तृतीयमहः । ................................................. 5, 6.
XXI अभिप्लवषडहः । - गोश्चतुर्थमहः । ................................................... 1, 2.
- आयुः पञ्चममहः । ................................................ 3.