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कथासरित्सागर : द्वितीय खण्ड (लम्बक ६ से १८)

कथासरित्सागर : द्वितीय खण्ड (लम्बक ६ से १८)

Kathasaritsagara Part 2 (Lambaka 6–18)

by महाकवि सोमदेव भट्ट

Source: कथासरित्सागर : द्वितीय खण्ड (लम्बक ६ से १८) · बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्, पटना · 1961 (origin)

DevanagariHindipublished1,079 pages

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... ॥३९॥
... ॥४०॥
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... ॥४३॥
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के प्रभाव से तिर्यञ्च भी ऐसे ज्ञानसम्पन्न होते हैं कि जिन-धर्म के प्रभाव
को भली भांति ॥४३॥