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कर्मयोग (स्वामी विवेकानन्द - हिन्दी अनुवाद)

कर्मयोग (स्वामी विवेकानन्द - हिन्दी अनुवाद)

Karma Yoga - Swami Vivekananda (Hindi)

by स्वामी विवेकानन्द / पं. बदरीदत्त शर्मा

DevanagariHindipublished115 pages

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परिचय

वह किसी शिक्षित व्यक्ति से छिपा नहीं है। यह स्वामीजी के ही उपदेश का प्रभाव है कि आज अमेरिका में घर घर वेदान्त की चर्चा है और वहाँ के पुरुष ही नहीं किन्तु स्त्रियाँ भी वेदान्त के रहस्य को जानने के लिए उत्कण्ठित और उत्सुक हैं। वहाँ के अनेक स्त्री-पुरुषों ने स्वामीजी से दीक्षा लेकर वेदान्त के प्रचार का व्रत धारण किया है। इसी व्रत को धारण करके मिस निवेदिता आदि कई स्त्रियाँ इस देश में भी पदार्पण कर चुकी हैं, जिनके आचार-विचार और उद्देश से यहाँ के शिक्षित समुदाय ने प्रायः अपनी सहानुभूति प्रकट की है।

उक्त महात्मा का उद्देश क्या था और उन्होंने उसकी सिद्धि के लिए क्या उद्योग किया, उनके आचार-विचार कैसे थे ? इन बातों से प्रायः हिन्दी-पाठक अनभिज्ञ हैं। कारण यह कि उनका सारा वर्क (काम) देशकालानुसार अँगरेज़ी भाषा में है। अतः हिन्दी पाठकों के परिचयार्थ प्रशंसित स्वामीजी के कतिपय व्याख्यानों का ( जो उन्होंने अमेरिका में कर्मयोग पर दिये थे ) हिन्दी-अनुवाद पाठकों की भेंट किया जाता है। इससे हिन्दी-पाठक स्वामीजी के पवित्र सिद्धान्त और उच्च विचारों का अनुभव कर सकेंगे।

यहाँ पर यह निवेदन कर देना भी आवश्यक है कि यह स्वामीजी के व्याख्यानों का शब्दशः अनुवाद नहीं है। प्रत्येक भाषा का पदविन्यास और लेखनप्रणाली का क्रम भिन्न भिन्न होने से तथा एक भाषा के शब्दों का दूसरी भाषा के शब्दों में ठीक ठीक पर्याय न मिलने से उनके आशय को अपने शब्दों और वाक्यों में व्यक्त करने के लिए हम बाध्य हुए हैं। ऐसा करने पर भी