कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)
Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary
कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंराजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला
'संस्कृत-प्राकृत' साहित्य श्रेणिके अन्तर्गत जो ग्रन्थ प्रेसोमें छप रहे हैं उनकी नामावलि
१ त्रिपुराभारती लघुस्तव-कर्ता सिद्धसारस्वत लघुपण्डित । २ बालशिक्षा
व्याकरण-कर्ता ठाकुर संग्रामसिंह । ३ करुणामृतप्रपा-कर्ता महाकवि ठाकुर
सोमेश्वर देव । ४ पदार्थरत्नमञ्जूषा-कर्ता पं. कृष्णमिश्र । ५ शकुनप्रदीप-कर्ता
पं. लावण्यशर्मा । ६ उक्तिरत्नाकर-कर्ता पं. साधुसुन्दर गणी । ७ प्राकृतानन्द
(प्राकृत व्याकरण)-कर्ता पं. रघुनाथ कवि । ८ ईश्वरविलासकाव्य-कर्ता
पं. कृष्णभट्ट । ९ महर्षिकुलवैभव-कर्ता पं. मधुसूदन ओझा विद्यावाचस्पति ।
१० चक्रपाणिविजय काव्य-कर्ता पं. लक्ष्मीधर भट्ट । ११ काव्यप्रकाशसंकेत-
कर्ता भट्ट सोमेश्वर । १२ प्रमाणमञ्जरी (वृत्तिद्वयोपेता)-मूलकर्ता सर्वदेवाचार्य ।
१३ वृत्तिदीपिका-कर्ता मौनि कृष्णभट्ट । १४ तर्कसंग्रह फक्किका-कर्ता पं.
क्षमाकल्याण गणी । १५ राजविनोद काव्य-कर्ता कवि उदयराज । १६ यंत्र-
राजरचना-कर्ता महाराजा सवाई जयसिंह । १७ कारकसंबन्धोद्योत-कर्ता पं.
रभसनन्दी । १८ शृंगारहारावलि-कर्ता श्रीहर्षकवि १९ कृष्णगीतिकाव्यानि-
कर्ता कवि सोमनाथ । २० नृत्तसंग्रह-अज्ञातकविकर्तृक । २१ नृत्यरत्नकोश-
कर्ता राजाधिराज कुंभकर्णदेव । २२ नन्दोपाख्यान-अज्ञातविद्वत्कर्तृक ।
२३ चान्द्रव्याकरण-कर्ता महावैयाकरण चन्द्रगोमी । २४ शब्दरत्नप्रदीप-
अज्ञातकर्तृक । २५ रत्नकोश-अज्ञातकर्तृक । २६ कविकौस्तुभ-कर्ता पं. रघुनाथ
मनोहर । २७ मणिपरीक्षादि प्रकरण-अज्ञातकर्तृक । २८ सामुद्रकम्-अज्ञात-
नामकर्तृक । २९ शतत्रयम्-कर्ता भर्तृहरि (धनसारकृत व्याख्यायुक्त) ।
'राजस्थानी-हिन्दी' साहित्यश्रेणिमें प्रकाशित होनेवाले ग्रन्थोंकी नामावलि
१ कान्हडदे प्रबन्ध-कर्ता जालोरनिवासी कवि पद्मनाभ । २ गोरा
बादल पदमिणी चउपई-कर्ता कवि हेमरतन । ३ वसन्तविलास फागु । ४ कूर्मवंश
यशप्रकाश अपर नाम लावारासा-कर्ता कविया गोपालदान । ५ क्याम खां
रासा-कर्ता मुस्लिम कवि जान । ६ बांकीदासरी ख्यात । ७ मुंहता नैणसीरी
ख्यात । ८ राठोड वंशरी उत्पत्ति । ९ खींची गंगेव नींबावतरो दोपहरौ, राजान
राउतरो वातवणाय आदि राजस्थानी वर्णनात्मक रचना । १० दाढाला एकल
गिडरी बात । इत्यादि ।
प्राप्तिस्थान-संचालक राजस्थान पुरातत्त्व मन्दिर, जयपुर (राजस्थान)