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कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished354 पृष्ठ

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राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला
राजस्थान राज्यद्वारा प्रकाशित
सामान्यतः अखिलभारतीय तथा विशेषतः राजस्थानप्रदेशीय पुरातनकालीन
संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश, राजस्थानी, हिन्दी आदि भाषानिबद्ध
विविधवाङ्मयप्रकाशिनी विशिष्ट ग्रन्थावलि
*
प्रधान संपादक
पुरातत्त्वाचार्य जिनविजय मुनि
[ ऑनररि मेंबर ऑफ जर्मन ओरिएन्टल सोसाइटी, जर्मनी ]
सम्मान्य सदस्य
भाण्डारकर प्राच्यविद्या संशोधन मन्दिर, पूना; गुजरात साहित्य सभा, अहमदाबाद;
सम्मान्य नियामक ( ऑनररि डायरेक्टर ) - भारतीय विद्याभवन, बंबई;
प्रधान संपादक - गुजरात पुरातत्त्व मन्दिर ग्रन्थावली; भारतीय विद्या ग्रन्थावली;
सिंघी जैन ग्रन्थमाला; जैनसाहित्यसंशोधक ग्रन्थावली; इत्यादि, इत्यादि
ग्रन्थांक
११
कान्हडदे प्रबन्ध
( प्रथम भाग - मूल ग्रन्थ )
प्रकाशक
राजस्थान राज्याज्ञानुसार
संचालक, राजस्थान पुरातत्त्व मन्दिर
जयपुर ( राजस्थान )
*
विक्रमाब्द २०१० } राज्यनियमानुसार - सर्वाधिकार सुरक्षित { ख्रिष्टाब्द १९५३
मुद्रक - लक्ष्मीबाई नारायण चौधरी, निर्णयसागर प्रेस, २६-२८ कोलभाट स्ट्रीट, बंबई २.