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कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

by कबीर साहेब

Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)

Devanagarihipublished1,367 pages

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मानुषी भोगी—मैंने सुना था कि, किसी स्त्रीको एक घड़ियाल नहानेके समय पकड़ ले गया। उसका बस्त्र खुलकर जलमें बह गया वह नङ्गी रह गई। उस घड़ियालने लेजाकर एक जगह किनारे रख दिया। वह स्थान परदे में था वहाँ नदीका किनारा ऊँचा था। दिखाई नहीं दे सकता था घड़ियालने उस स्त्रीके साथ सम्भोग किया। उसको खाया नहीं, वह ऐसा ही किया करता। ऐसा करनेके पीछे वह नदीमें सँर करनेको जाया करता मछली लाकर उसको दिया करता, स्त्री बहुत विवश थी एक सप्ताहके पीछे कई मनुष्योंका शब्द नदी किनारे आने लगा स्त्रीने चिल्लाकर कहा कि, मैं इस दुःखावस्थामें फँसी हूँ, यहाँ आकर मुझको निकालो। उन मनुष्योंने ऊपरसे नीचेको रस्सीके छोरसे इसको कपड़ा दिया वह अपनी जान लेकर अपने घर पहुँची। जिस समय स्त्रीको निकाला गया उस समय मगर नदीकी सँर कर रहा था वहाँ नहीं था।

अगस्तका मछलियोंसे शकुन—प्राचीन कालमें मछलियोंसे शकुन जाना जाता था और यह अनुमान किया जाता था कि, मछलियाँ त्रिकालज्ञ होती हैं। जिस समय सिसली टापूके लोगोंसे लड़ाई होरही थी, उस समय अगस्तस बादशाह समुद्रके किनारे टहल रहा था। उसी समय समुद्रसे एक मछली निकलकर उसके पैर पर गिर पड़ी। उस समय सेकैसे प्राम्पीस बादशाह समुद्री विजयोंसे बहुत घमण्डी हो रहा था अपनेको पेंचिओन देवताका पुत्र मानता था। अगस्तसने ज्योतिषियोंसे पूछा कि, पैरपर मछली गिरनेका क्या मतलब हो सकता है। तो उन्होंने उत्तर दिया कि, समुद्रोंका राजा आपके चरणोंपर गिर पड़ेगा ठीक वैसाही हुआ इस राजाने सेकैसे प्राम्पीस पर विजय पाई।

भूचर मछली—कितने प्रकारकी मछलियाँ घोंसलें बनाती और वृक्षपर चढ़ जाती हैं नदीसे निलककर इतनी दूर २ तक यात्रा करती हैं कि, लोग समझते हैं कि वह आकाशसे गिर पड़ी हैं। इतना हिल मिल जाती हैं कि, लोग अपने हाथसे चारा देते हैं वह भी मनुष्यके हाथमें आजाती हैं। अपने रहनेके लिये अच्छी जगह ढूँढ़ती हैं। उनमें कितनीही बातें बुद्धिमानोंकी पाई जाती हैं।

तूरा—एक प्रकारकी मछली है, लोग जिसको अन्तर््यामिनी समझते हैं। क्योंकि आंधी आती है। जहाज डूबता है तो वह जहाजके पास होती है। डूबते हुये मनुष्यको अपनी पीठपर लादकर स्थलमें बैठकर चली आती है। यह बहुत भली मछली है। मनुष्योंका प्राण बचाती है। मछलियाँ रातको दूर २ की यात्रा करती हैं कभी २ कण्टके समय दिनमेंभी सफर किया करती हैं।

कटल फिश या ईङ्गुफिश—डीवर्डसके टापूमें एक प्रकारकी मछली