कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
by कबीर साहेब
Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)
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Read in contextगया और वेदके मतलबको सब अपनी अपनी ओर खींचते हैं यह भी मालूम नहीं होता है कि, वर्तमान कालके वेद प्राचीन कालके वेदोंके कौनसे भाग हैं ? और कौनसी शाखासे हैं ? कितने लोग कितनोंको खंडन करते तथा कितनोंको स्वीकार करते हैं । सो यह सब मन मानेकी बात है । जिसका चाहो खंडन करो जिसको चाहो स्वीकार करलो, अपनी इच्छापर बात रही । कोई किसीका स्वामी तथा किसीका कोई अधीन नहीं है । इन वेदोंके अदल बदल जानेके कारण इनके मन्त्रोंमें अब तनिकभी शक्ति नहीं रह गयी है ।
तेईसवाँ प्रकरण
वेदमंत्रोंकी शक्तिका वर्णन ।
पहले वेदके मन्त्रोंमें ऐसा प्रभाव था कि, उनके बलसे लोग देवताओंको अपने पास बुलाते और वेतमंत्र पढ़कर लकड़ी पर पानी छिड़कनेसे आग धधक उठती तथा कुएँका जल ऊपर चढ़ आता था । मोहन, मारण, उच्चचाटन आकर्षण और स्तंभन इत्यादि सब बल वेद मंत्रोंमें थे । ऋषि मुनिगण जब यज्ञ करते थे तो वेदमंत्रों द्वारा सब देवताओंको यज्ञस्थानमें बुलातेथे । इन वेदमंत्रोंका वर्णन मैं क्या करूँ ? इन्हीं द्वारा ऋषि मुनिगण साक्षात् परमेश्वर होनेका दावा करते थे तथा इन्हींकी सहायता द्वारा सब पापोंका नाश करते थे, और राजा इन्द्रको भी अपना चेरा बनातेथे । यदि चार वेदके मंत्र शुद्धतासे किसी को याद हों, तो उसका कौतुक लोगोंको दिखाई दे सकता है ।
वेद मंत्रकी शक्तिपर दृष्टान्त कुन्ती और दुर्वासा ।
एक बार राजा कुन्तके गृहमें दुर्वासा ऋषि पधारे । राजा कुन्तने अपनी पुत्री कुन्तीका उनकी सेवाके निमित्त नियुक्त किया । कुन्तीने दुर्वासाजीकी अत्यंत सेवा तथा सत्कार किया । तब दुर्वासाऋषिका चित्त अत्यंत हर्षित हुआ और उन्होंने कुमारी कुन्तीको एक मंत्र सिखला दिया और समझा दिया कि, जब उसपर कोई विपत्ति उपस्थित हो तब वह उस मंत्र द्वारा जिस देवताको चाहे बुलाले और उनके द्वारा अपना कार्य करालेवे । इतनी बात कहकर दुर्वासाजी तो चले गये और कुमारी कुन्तीने उस मंत्रको कंठस्थ करलिया और जब २ उसको आवश्यकता हुई तब २ सूर्य, धर्म, इन्द्र, पवन, अश्विनीकुमार इत्यादि देवताओंको अपने समीप बुलाकर अपना काम किया ।
जब अश्वमेध गोमेधयज्ञ इत्यादि होतेथे इन्हीं वेदमन्त्रों द्वारा सब देवता यज्ञमें उपस्थित होते थे । अब वे वेद मंत्र कहाँ गये ? हाँ इस समयभी वे मंत्र किसी