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कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

by कबीर साहेब

Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)

Devanagarihipublished1,367 pages

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ओढ़कर भेड़ोंके झुण्डमें घुसकर उनको नष्ट करें, वे तलवार चलाने आये हैं। समस्त संसारमें तल्लवार चल रही है। वे आग लगाते हैं। समस्त संसारमें आग लग रही है।

सत्यकबीर वचन ।

तीन लोकमें लागी आग, । कहैं कबीर कहाँ जैहों भाग ॥

कौन ऐसा तीन लोकमें है कि, कालपुरुषके पञ्जेसे भाग निकले, कोई नहीं। एक भी नहीं। सबके सब कालपुरुषके भोजन हैं। बिना हंसकबीरके कोई कालके पुत्रोंकी बोलियाँ समझनेका सामर्थ्य नहीं रखता। न उसके धोखेको प्रगट कर सकता है। जिसने जैनियोंको दया बतलायी, उसीने दूसरेको यज्ञ तथा रक्तपात करनेको कहा क्या दो परमेश्वर तो नहीं जो एक कुछ कहे तथा दूसरा कुछ कहे वो सबके लिये एक है सबका वोही मालिक है। 'भाई रे दो जगदीश कहाँ' आएसे इस पूरे शब्दको २६८ के पेजमें युगलानन्दजी ऐसेही प्रकरणमें पूरेका अवतरण दे चुके हैं। इस कारण हम यहाँ पूरा नहीं दिखाते किन्तु इसका अर्थ किये देते हैं। ऐ भाइयों ! इस संसारके स्वामी तो एकही है दो नहीं हैं आपको किसने बहका दिया है अल्ला, केशव, करीम, केशव, हरि और हजरत उसीके तो नाम हैं ॥ १ ॥ सोना एकही है उसके अनेक तरहके गहने बन जाते हैं वैसे तो वे गहने आपसमें जुदे लगते हैं पर सब सोना है सिवा इसके दूसरा कुछ नहीं है। इसी तरह निवाज और पूजा देखनेमें दो लगती हैं पर वास्तवमें सिवा उस जगदीशकी आराधनाके दूसरा कुछ भी नहीं है ॥ २ ॥ वही महादेव है वही महम्मद ब्रह्मा और आदम। किसीको हिन्दू तथा किसीको तुर्क कह रहे हैं पर दोनों रहते एकही भूमिपर हैं ॥ ३ ॥ वेद पढिके पांडे तथा दूसरे किताब कुरान शरीफ पढकर मौलाना बन जाते हैं। बिगत-जुदे २ नाममात्र हैं, सब उसी मिट्टीके वर्तन ॥ ४ ॥ कबीर साहिब कहते हैं कि, वे दोनों भूल गये हैं। रामको किसीने नहीं पाया, वे बोकरा (बकरा) मार देते हैं, तो गाय कटा देते हैं। वो जगदीश एक है उसका उपदेश भी सबके लिये एक है। मनुष्य मात्र के कल्याणके लिये वो समय २ पर प्रकट होकर उपदेश दिया करता है।

चारों युगसे कबीर साहब बराबर पुकारते चले आते हैं कि, ए मनुष्य ! काल पुरुष की धूर्ततासे भागकर कबीर साहबकी शरण लो।

ब्रह्मा विष्णु शिव ये तीनों इस भवसागरमें ईश्वरीय कार्य करते हैं जो कोई तपस्या करता है उसको ये तीनों वरदान देते हैं उसकी कामना पूरी। करते हैं। महिषासुरके समान सहस्रों ऐसे हुए कि, जिनको तीनोंने वरदान दिया।