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कबीर कृष्ण गीता

कबीर कृष्ण गीता

Kabir Krishna Gita

by युगल आनंद विहारी

Source: Kabir Krishna Gita - Yugal Anand Vihari · Archive.org (origin)

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Devanagarihipublished168 pages

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अनुक्रमणिका.

विषय.पृष्ठ.विषय.पृष्ठ.
व्यास और कृष्ण सम्वाद११७ब्रह्मा और कबीर सम्वाद,
साधुके लक्षण रमता औरलोक द्वीपका वर्णन ....१३८
वैठाका भाव ....११८महादेव और कबीर सम्वाद,
ज्ञान दशा और मनकीयोगका वर्णन ....१४०
दशाका वर्णन अर्थात्योगियोंके तत्त्वोंका वर्णन१४६
गुरुमुखी और वनमु-मुक्तिका मार्ग, त्रिदेव और
खीका वर्णन ....१२४कबीर सम्वाद ....”
कलियुगमें कबीर साहबत्रिगुणका प्रभाववर्णन ....१४८
क्यों प्रकट हुए ? ....१२७सत्य भक्ति तथा योग
सब देवतोंका कबीरसाहबकाभोगका वर्णन ....१४९
शिष्य होना ....१२९विशदूका स्वरूप कथन ....१५०
लक्ष्मी आदि देवियोंके गुरु-चौदह यमका वर्णन ....१५१
मुख होनेका वृत्तान्त....१३०ग्रंथसमाप्ति ....१५२
सत्यलोकके हंसोंके रूपका
वर्णन ....१३६

इत्यनुक्रमणिका समाप्त ।