हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)
Harita Samhita of Sage Harita with Hindi Commentary
महर्षि हारीत / आत्रेय मुनि द्वारा
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मांडाका गुण. .... .... ११७ | स्वप्नाध्यायका वर्णन .... १२७
पूरी और घेवरका गुण .... ” | वर्ज्यस्वप्न .... ”
गूंझामालपूवाका गुण .... ” | कालसे स्वप्न .... १२८
सोमालिकाका.गुण .... .... ११८ | स्वप्नमें शुभद्रव्य .... ”
फेनीका गुण.. .... .... ” | अशुभद्रव्य .... ”
भिन्नबडाका गुण .... .... ” | शुभस्वप्नोंका वर्णन.... .... ”
अभिन्नबडाका गुण.... .... ” | शुभस्वप्न .... १२९
लड्डूका गुण... .... .... ” | अशुभस्वप्नोंका वर्णन .... १३०
यवपोलिकाका गुण.... .... ११९ | स्वास्थ्यारिष्ट .... १३२
अन्नके गुणोंका उपसंहार .... ” | ध्रुवादिक न देखनेका अरिष्ट .... ”
थकेहुए मनुष्यको भोजननिषेध .... ” | द्वितीयाचंद्रका अदर्शनका अरिष्ट .... ”
भोजनके उपरांत मेहनत और सुरतका | कर्णघोष न सुननेका अरिष्ट .... १३३
निषेध .... .... ” | मुखश्वासादिका अरिष्ट .... ”
थंडा और गरम भोजनका निषेध .... ” | प्रभातमें मस्तकशूलका अरिष्ट.... ”
श्रमित आदिकोंके भोजनका निषेध .... ” | सूर्यबिंबादिकके दर्शनका अरिष्ट.... ”
भोजनमें फलादिकोंका नियम .... १२० | इंद्रधनुष देखनेका अरिष्ट .... ”
भोजनके पीछे बैठनेका नियम .... ” | विपरीत देखने सुननेका अरिष्ट .... १३४
भोजनमें पानीका नियम.... .... ” | शरीरके स्पर्शसे अरिष्टकथन .... ”
भोजनके ऊपर व्यायाम .... ” | प्रतिबिम्ब न देखनेसे अरिष्ट .... ”
भोजनके उपरांत नेत्रादिकोंका मार्जन .... ” | व्याध्यरिष्टका लक्षण .... १३५
अड़कारका नियम .... .... १२१ | अष्टमहाव्याधियोंका नाम .... ”
व्यायामादिकोंका नियम .... ” | आठ महारोगोंके उपद्रव .... ”
दिनमें शयन करनेका निषेध .... ” | ज्वररोगीके अरिष्ट.... .... ”
दिनमें शयनकराने लायक मनुष्य.. ” | दारुण उपद्रवका अरिष्ट .... १३७
इति प्रथमस्थानं समाप्तम् | अतीसारका अरिष्ट.... .... ”
सूजनका अरिष्ट .... .... ”
द्वितीयं स्थानम् । | शूलका अरिष्ट .... .... ”
अथ कर्मविपाक .... .... १२३ | पांडुरोगीका अरिष्ट.... .... १३८
पापदोषप्रतीकार .... .... १२५ | क्षयरोगका अरिष्ट .... .... ”
अन्य अन्य रोगोंका कारण .... १२६ | श्वासरोगका अरिष्ट .... ”