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हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)

हारीत संहिता (महर्षि आत्रेय-हारीत मुनि संवाद - सम्पूर्ण ६ स्थान सटीक)

Harita Samhita of Sage Harita with Hindi Commentary

महर्षि हारीत / आत्रेय मुनि द्वारा

DevanagariHindipublished548 पृष्ठ

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पृष्ठ 11

विषयानुक्रमणिका. ( ३ )
विषय. पृष्ठ. | विषय. पृष्ठ.
श्रावणवृष्टिके गुण ..... .... ४४ | अंशूदकके गुणदोष .... ५४
भादुवाके वृष्टिके गुण.. .... ” | आरोग्योदकके गुणदोष .... ”
आश्विनवृष्टिके गुण .... ” | शीतपानीके गुण ५५
कार्तिकके वृष्टिके गुण .... ४५ | गर्म पानीके गुण .... .... ”
स्वातिजलके गुण.... .... ” | पानीविषयक विधि .... ”
अकालवृष्टिके लक्षण और गुण ... ” | दुग्धवर्गवर्णन .... .... ५७
अकालमें वर्षाहुई वर्षाके पानीका लक्षण ” | दूधकी उत्पत्ति .... .... ”
धारसंज्ञक आदि चारप्रकारके .... ” | पृथक् २ रंगकी स्त्रियोंके दूध .... ५८
कारजलकी उत्पत्ति .... .... ४६ | पृथक् २ रंगकी गायोंका दूध .... ५९
कारजलके गुण .... .... ” | गायके दूधके गुण .... ”
तुषारपानीके गुण ... .... ” | बकरीके दूधके गुण .... ”
पृथ्वी ऊपरके आठ प्रकारका जल ४७ | भेडके दूधके गुण .... ”
नदीके पानीका गुण .... ” | भैंसके दूधके गुण .... ६०
औद्भिद पानीका गुण दोष .... ४८ | ऊंटनीके दूधके गुण .... ”
झिरनाके पानीका गुण .... ” | स्त्रियोंके दूधके गुण .... ”
चौंड्य संज्ञक पानीका गुण .... ” | प्रभातके दूधके गुण .... ”
कूंवाके पानीका गुण दोष .... ” | दिनके दूधका गुण .... ”
तलावके पानीके गुण दोष .... ” | रात्रिके दूधका गुण .... ”
सारसपानीके गुण दोष .... ४९ | दूधपीनेकी विधि .... ६१
बावडीके जलके गुण .... ” | गायके दहीके गुण .... ”
नदियोंकी प्रकृति .... ” | बकरीके दहीके गुण .... ”
सदा बहनेवाली नदीके गुण दोष ” | भैंसके दहीके गुण .... ६२
पत्थरोंवाली नदीके गुण दोष ५० | ऊंटनीके दहीके गुण .... ”
बालूरेतवाली नदीके पानीके गुण दोष ” | स्त्रीके दहीके गुण .... ”
उत्तरसे बहनेवाली नदियों और पानीके | भेडके दहीके गुण .... ”
गुण दोष .... ” | वर्षाकालके दहीका गुण .... ”
तापी आदिनदियोंके गुण दोष ५१ | शरदऋतुके दहीका गुण .... ६३
पृथिवीके भागका पानी .... ५२ | हेमंतऋतुके दहीका गुण .... ”
पापोदकका गुण दोष .... ५३ | शिशिरऋतुके दहीका गुण .... ”
रोगोदकके गुणदोष .... ” | वसंतऋतुके दहीका गुण .... ”

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