गीतावली (गोस्वामी तुलसीदास - गीताप्रेस सम्पूर्ण ७ काण्ड सान्वय सटीक)

गीतावली (गोस्वामी तुलसीदास - गीताप्रेस सम्पूर्ण ७ काण्ड सान्वय सटीक)
Gitavali of Goswami Tulsidas with Gita Press Commentary
by गोस्वामी तुलसीदास
DevanagariHindipublished454 pages
Page 19 of 454
Read in contextPage 19
[ १५ ]
पद-सूचना पृष्ठ-संख्या | पद-सूचना पृष्ठ-संख्या
रन जीति रामराउ आए ३७७ | राम राजराजमौलि .... ३६३
रघुपति राजीवनयन .... ३८३ | रामचंद्र-करकंज कामतरु .... ४०४
रघुवर-रूप बिलोकु नेकु | राम-चरन अभिराम
मन ... ४०६ | कामप्रद .... ४०५
रघुनाथ तुम्हारे चरित .... ४४२ | राम विचारि कै राखी .... ४३०
राम-सिसु गोद महामोद .... ४३ | रीति चलिबेकी चाहि .... २०४
राजत सिसुरूप राम .... ६१ | ललन लोने लेरुआ बलि मैया ५३
राम लषन इक ओर .... ८८ | ललित सुतहि लालति सचु पाये ८२
राजन् ! राम-लषन जो दीजै ६३ | ललित ललित लघु-लघु .... ८६
रामपद-पदुम-पराग परी .... १०२ | लाज तोरि, साजि साज .... १५३
राम-लषन जब दृष्टि परे री ! १२७ | लेहु री लोचननिको लाहु .... १५७
रामहि नीके कै निरख