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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 682 of 737

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Page 682

( २६८ )
अथ यन्त्राध्यायो नाम
द्वाविंशः
कालस्य² परिच्छेदः⁴ कर्तुं यन्त्रै¹र्विना यतो शक्यः³ ।
संक्षिप्तं स्पष्टार्थं यन्त्राध्यायं ततो वक्ष्ये ॥ १ ॥
सप्तदशकालयन्त्राण्यतो धनुस्तुर्यगोलकश्चक्रम्⁴ ।
यष्टि⁵र्शंकु¹र्धटिका² कपालकं कर्त्तरिकीटम्³ ॥ २ ॥
सलिल¹भ्रमो²वलंबः करां³श्छाया दिनार्द्धमर्कोक्षः ।
नव⁴काल ज्ञानार्थं तेषां⁵ संसाधनानान्यष्टौ ॥ ३ ॥

१. (घ) १. विना (ग) (च) (ङ) for (विना)
(ग) २. गोलस्य (ङ) for (कालस्य)
३. यतोऽशक्यः (ङ) for (यतोशक्यः)
(वि०—इसकी श्लोक संख्या ४ है)
(ङ) (वि०—श्लोक संख्या ४ है इसके पूर्ववर्ती तीन श्लोकों को गोलाध्याय के
अंत में रख दिया गया है)
४. परिच्छेदः for (परिच्छेद)
२. (घ) १. वंटिका for (घंटिका) २. कत्तंरी . (ग) (च) (ङ) for (कर्त्तरि)
३. फीटं (ग) पीठम् for (कीटम्)
(ग) ४. गोलकं चक्रम् for (गोलतश्चक्रम्)
५. यष्टिः (च) (ङ) for (यष्टि)
(वि०—इसकी श्लोक संख्या ५ है)
(च) ३. फीटा for (कीटम्)
(ङ) ३. पीठम् for (कीटम्)
३. (ग) १. सलिलं (ङ) for (सलिल) २. वमो for (भ्रमो)
३. करांश्छाया (ङ) for (करांछाया) ४. नय for (नव)
५. यहां अनुस्वारलुप्त है ।
(वि०—इसकी श्लोक संख्या ६ है)
(च) २. ऽवलंबः for (वलंबः) ६. मक्रोक्षः for (मर्कोक्षः)
(ङ) २. भ्रमोऽवलम्बः for (भ्रमोवलंबः)
६. मर्कोऽक्षः for (मर्कोक्षः) ४. नत for (नव)