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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 623 of 737

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Page 623

( २३७ )
अग्रांत्य<sup>१</sup>मुपांत्येना<sup>६</sup> स्वाद्धों<sup>२</sup> गुणितोंत्यं<sup>७</sup> संयुतो भगणः<sup>३</sup> ।
छेद्भागहारेणैवं<sup>४</sup> स्थिरकटुकः<sup>५</sup> शेषम् ॥ १५ ॥
इष्टभगणादिशेषात् स्वकुटकगुणात्<sup>१</sup> स्वाभागहार<sup>२</sup> हृतात्<sup>३</sup> ।
शेषं द्युगणोहृत<sup>४</sup> निरपर्वत<sup>५</sup> गुणभागहारं<sup>६</sup> युतः ॥ १६ ॥
१५. (घ) १. अग्रांत (ग) (च) (ङ) for (अग्रांत्य)
३. भक्तः (ग) (च) for (भगणः)
४. निश्छेदभागहारे for (छेद्भागहारे)
५. कुट्टकः (ङ) for (कटुकः)
७. गुणितोप्त (त्प) (च) for (गुणितोंत्य)
(ग) २. स्वेधों for (स्वाद्धों)
६. मुपांत्येन (ङ) for (मुपांत्येना)
(वि०—इसकी श्लोक संख्या ११ है)
४. निश्छेद for (छेद) ५. कुदकः for (कटुकः)
(ङ) २. स्वोर्ध्वो for (स्वाद्धों) ३. भक्तः for (भगणः)
४. निः शेष for (छेद)
१६. (घ) १. कुट्टक (ङ) for (कुटक)
२. गुणात्स्वभाग (ग) गुणान् स्वभाग for (गुणात्स्वाभाग)
३. हृताद् (ग) हृतान् for (हृतात्)
४. गत (ग) भगणोगत for (द्युगणोहृत)
५. निरपवर्त्त (ग) (च) (ङ) for (निरपर्वत)
६. भागहारयुतः (ग) गुणभागहारयुता for (गुणभागहारंयुतः)
(ग) (वि०—इसकी श्लोक संख्या १२ है)
(च) ७. दष्ट for (इष्ट) १. कुदक for (कुटक)
२. गुणात्स्वभाग for (गुणात्स्वाभाग)
३. हृताद् for (हृतात्) ४. गत for (हृत)
६. गुणभागहारयुतः (ङ) for (गुणभागहारंयुतः)
(ङ) २. गुणात्स्वभाग for (गुणात्स्वाभाग) ४. गत for (हृत)