ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
Page 613 of 737
Read in contextPage 613
( २२७ )
बिंदु परिलेखरेखा¹ ग्राहकमार्गः प्रसार्य सूत्रे द्वे ।
आद्यंताभ्यां मध्यम⁴माछेद्य² स्थुल³ एवं⁵ वा ॥ ४० ॥
बिन्दु द्वयांतरं² स्थितिदलेन हृत³मिष्टनाडिका⁴गुणितम् ।
ग्राह्य⁶फलांगुलस्थं⁵ ग्राह्यमानेन परिलेखः¹ ॥ ४१ ॥
इष्ट ग्रासोर्केन्द्वो¹र्निमोलनोन्मीलनं² च भानुमंतः⁵ ।
ऋषुवर्त्तः³ प्राग्मध्यात् पश्चाद्विष्टांगुले⁴ स्थेन ॥ ४२ ॥
४०. (घ) १. परिलेषरेखा (ग) for (परिलेखरेखा)
२. माछोद्य (ग) माछाद्य for (माछेद्य)
३. स्थूल (ग) (च) (ङ) for (स्थुल)
(च) १. परिलेषरेखा for (परिलेखरेखा)
(ङ) ४. मध्यग for (मध्यम) २. मुच्छाद्य for (माछेद्य)
५. मेवं वा for (एवं वा)
४१. (घ) १. परिलिख्य (ग) परिख्यः for (परिलेखः)
(ग) २. बिंदुद्वयान्तर for (बिन्दुद्वयांतरं) ३. हृत (च) (ङ) for (हृत)
४. नालिका for (नाडिका) ५. ष्ठा for (स्थं)
(च) १. परिलेख्य for (परिलेखः)
(ङ) १. परिलिख्य for (परिलेखः) ६. ग्राह्य' for (ग्राह्य)
४२. (घ) १. ऽर्केन्द्वो (ग) इष्टग्राकर्केदो for (इष्टग्रासोर्केन्द्वो)
२. मीलने (ग) मिलने for (मीलनं)
३. त्रपुवर्त्तः (ग) (च) for (ऋषुवर्त्तः)
४. पश्चादुद्दिष्ट्रांगुल (ग) (च) for (पन्चाद्विष्टांगुले)
(च) १. ऽर्केन्द्वो for (ऽर्केन्द्वो) २. मीलने (ङ) for (मीलनं)
(ङ) १. ऽर्केन्द्रो for (केंद्धो) ५. भानुमतोः for (भानुमतः)
३. उर्वं रितः for (ऋषुवर्त्तः)
४. पश्चाद्दिष्ट्राङ्गुल for (पश्चाद्विष्टांगुले)