ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
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दुरभ्रष्टे ग्रहणे श्रेषेणार्यभटविष्णुचन्द्रस्य॑ ।
दृग्गणितविसंवादः काकतालीयम् ॥ ३६ ॥
स्फुटतिथ्यंतज्ञानं यन्नार्यभटादिभिः कृतमतीतैः ।
ब्राह्म॑ स्फुटं कृतं तज्जिष्णुसुतब्रह्मगुप्तेन ॥ ३७ ॥
ब्रह्मोक्तोर्केन्दु तदुच्चपातदेशांतरस्फुटीकरणैः ।
स्फुटसिद्धर्कं ग्रहणाद्वयं स्फुटमतीतोक्तम् ॥ ३८ ॥
विक्षेपाग्रेषु त्रीन्बिन्दून् प्रग्रहणमध्यमोक्षेषु ।
कृत्वा तन्मन्यद्वयमध्यगयोः सूत्रयोर्योगात् ॥ ३९ ॥
३६. (घ) १. दूरभ्रष्टे (च) (ङ) for (दुरभ्रष्टे)
२. श्रीषेणार्य (ग) खेणार्य (ङ) for (श्रेषेणार्यभट)
३. चंद्रेषु (ग) (च) (ङ) for (चन्द्रस्य)
४. विसंवादात्संवादः (च) for (विसंवादः)
(ग) ५. ग्रहगणितविसंवादात्संवादः for (दृग्गणितविसंवादः)
(च) २. श्रीषेणार्य for (श्रेषेणार्य)
(ङ) ५. ग्रहगणित for (दृग्गणित) ४. विसंवादात् संवादः for (विसंवादः)
६. काकतालीयः for (काकतालीयम्)
३७. (घ) १. यत्रार्य for (यन्नार्य)
३८. (घ) १. मिद्रर्कं (घ) मिद्रर्क for (सिद्धर्कं)
(ग) २. ब्रह्मोक्तार्केंदुस्तदुच्च for (ब्रह्मोक्तोर्केन्दु)
३. स्फुटिकरणैः for (स्फुटीकरणैः) ४. द्वितयं न for (द्वयं)
५. स्फुटमतीवोक्तम् for (स्फुटमतीतोक्तम्)
(च) २. ब्रह्मोक्तार्केंदु for (ब्रह्मोक्तोर्केन्दु) १. मिंद्रर्कं for (सिद्धर्कं)
(ङ) २. ब्राह्मोक्तार्केन्दु for (ब्रह्मोक्तोर्केन्दु) १. मिद्रकं for (सिद्धर्कं)
४. ग्रहणद्वितयं for (ग्रहणाद्वयं)
३९. (घ) १. कृपा for (कृत्वा)
२. तन्मत्स्यद्वय (ग) • तन्मत्स्यद्वय for (तन्मन्यद्वय)
३. मध्यमयोः for (मध्यगयोः)
(च) १. कृत्या for (कृत्वा) २. तन्मत्स्य for (तन्मन्य)
(ङ) २. तन्मत्स्य for (तन्मन्य)