ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
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Read in context( २२३ )
प्राच्य४परिविपरि१ते वि५परीतं मध्यवलनमर्कै६द्वोः ।
पूर्व८दन्यत् सर्व७ फल कोष्ठौ२ ग्रहणपरिले३खः ॥ २६ ॥
दृग्गणितप्रग्रहयो१रंतरघटीका२ फलं५ ग्रहे मध्यौ३ ।
देशांतरं धनं प्राक् प्रग्रहणे तं६ क्षयः४ पश्चात् ॥ २७ ॥
प्रग्रहणांतर घटिकाभूपरिधिहता विभाजयेत् षष्ट्या ।
फलयोजनेश्च१वंत्या प्राग्वत् प्रागपरयोर्देशः ॥ २८ ॥
पातो१नखेभार्द्धात् चक्रो३च्चोनाधिकाः कलाभक्ताः४ ।
तद्गतियुत्याप्तदिनै रासन्ने२ केंस्य५ मासांते ॥ २९ ॥
२६. (घ) १. विपरीते (ङ) for (विपरिते) २. फलकेष्टौ (ग) for (फलके स्वे)
३. परिखेखाः (ग) (च) (ङ) for (परिलेवः)
(ग) ४. पार for (परि) ५. विपरितं for (विपरीतं)
(च) ४. पर for (परि) १. विपरीते for (विपरिते)
५. मर्कैह्वोः for (मर्कैद्वोः) ७. स्थवं for (सर्वं)
२. फलकोष्टौ for (फलकोष्ठौ)
(ङ) ४. प्राच्यपरे for (प्राच्यपरि) ८. पूर्व वदन्यत् for (पूर्व दन्यत्)
२. फलके स्वे for (फलकोष्ठौ)
२७. (घ) १. प्रग्रयो for (प्रग्रहयो) २. घटिका (च) for (घटीका)
३. मध्ये (ङ) for (मध्यौ) ४. तत्क्षयः for (तक्षयः)
(ग) ५. फलग्रहमध्ये for (फलग्रहेमध्यौ) ६. 'त' लुप्त है ।
(च) १. प्रग्रयो for (प्रग्रहयो) ३. मध्यो for (मध्यौ)
(ङ) २. घटिका for (घटीका) ४. क्षयं for (तक्षयः)
७. +तत्+
२८. (घ) १. योजनेष्वव॑ंत्याः (ङ) for (योजनेश्चव॑ंत्या)
(च) १. योजनेष्वव॑ंत्याः for (योजनेश्चव॑ंत्या)
२९. (घ) १. प्रतौनखेभाद्र्धा (ग) पाताक्युतेभार्द्धाञ्च for (पातो॒नखेभार्द्धा॒त्)
२. रासन्नेऽर्कस्य for (रासन्नेर्कस्य)
(ग) ३. क्रार्द्धा (घ) चक्राचौ for (चक्रोच्चो)
४. कलाभक्ता (ङ) for (कलाभक्ताः) ५. मासांत्ये for (मासांते)
(च) ३. चक्राच्चैनाधिकाः for (चक्राच्चोनाधिकाः) २. ऽर्क॑स्य for (र्कस्य)
(ङ) १. पातार्क युतिर्भार्द्धात् for (पातो॒नखेभार्द्धा॒त्)
३. चक्राढोनांधिका for (चक्रोच्चोनाधिकाः)
२. रासन्नोऽर्कस्य for (रासन्नेर्कस्य)