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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 600 of 737

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( २१४ )
स्वाहोरात्रार्द्धसमं¹ यत्राक्षज्याबलंबकः² ।
क्रान्त्या³ ह्येषा दिगम्यता⁴ वद्यावत्⁵ कर्क्यादिगस्य⁶ खेः ॥ ५५ ॥
नास्तमयस्तत्र तुला³ मकरादिस्थस्य नोदयोर्कस्य¹ ।
तन्मध्यांतरलिप्ता मध्यमभुक्त्या हता² दिवसाः ॥ ५६ ॥
कोणच्छाया⁸ क्रतिदल⁷ यद्¹विषुवच्छायाया⁵ रुदानृतबलं² प्राच्य परयोः³ ।
यद्यैक्यंतरं⁴ याम्यदिक्स्थं⁶ चेत् ॥ ५७ ॥

५५. (घ) १. समा (ग) for (समं)
२. ज्यावलंबकः क्रान्त्या for (ज्याबलंबकः क्रान्त्या)
३. यह पद 'पहली पंक्ति के अन्त में है।
४. मेषादिगस्य (ग) for (ह्येषा दिगम्यता)
५. तावद्यावत् for (वद्यावत्) ६. कर्कादिगस्य for