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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 590 of 737

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Page 590

( २०४ )
श्राय¹निवक्त्योनां प्रश्ना³नामुत्तरं चतुःषष्टि⁵ ।
आया²स्त्रिप्रश्नो⁴क्ताशेषप्रश्नोत्तरोक्तिरतः ॥ १८ ॥
विषुवच्छाया⁵ गुणितां¹ स्वाहोरात्रार्द्धाद्² भाजिता त्रिज्या⁴ ।
क्रान्तिद्वादशगुणिता फलचापकला श्रु³भिः सहितैः ॥ १६ ॥
स्वचरप्राणैर्दिन³गतशेषैः सममंडले रविर्भवति ।
फल चापाशून्य¹भिस्तिथि घटिकाभि नता²भिर्वा ॥ २० ॥
उदयसममंडलान्तरं⁵ घटिकाज्यो¹र्लंबकाहतं² गुणयेत् ।
अक्षज्यया³ हृतां तत⁴ त्क्रांत्या व्यासार्द्धसंगुणया ॥ २१ ॥

१८. (घ) १. आर्यनिवक्तोक्तानां (ग) (ङ) for (आयनिवक्त्योनां)
२. आर्यास्त्रि (ग) (च) for (आयास्त्रि)
(ग) ३. प्रस्नाना for (प्रश्नाना) ४. प्रस्नोक्ताः for (प्रश्नोक्ता)
(च) १. आर्यनिवक्थानां for (आयनिवक्त्योनां)
(ङ) ५. षष्टघा for (षष्टिः) २. आर्याणां for (आयास्त्रि)
४. प्रश्नोक्त्या for (प्रश्नोक्ता)
१६. (घ) १. गुणित (ग) गुणित (ङ) for (गुणिता)
२. रात्रार्ध (ग) (ङ) for (रात्रार्द्ध)
(ग) ४. त्रिज्या: for (त्रिज्या)
(च) १. गुणित for (गुणिता) २. रात्रार्द्ध for (रात्रार्द्ध)
३. कलासुभिः for (कलाश्रुभिः)
(ङ) ५. विषुवच्छाया for (विषुवच्छाया)
२०. (घ) १. चापाशुनाभि (ग) चापास्तनुभि for (चापाशून्यभि)
२. नंतानिबीं: (ग) नंताभिर्वा for (नतामि)
(च) ३. दिन for (दिन) १. शून्याभि for (शून्यभिः)
२. न्नताभिर्वाः for (नताभिर्वा)
(ङ) १. चापच्यूनाभि for (चापाशून्यभि) २. नंताभि for (नताभि)
२१. (घ) १. ज्यां (ङ) for (ज्या) २. लंबकाहता (ङ) (ग) लंबकाह्ला for (लंबकाहतं)
३. अज्यया (ग) अक्षया for (अक्षज्यया)
४. हृयांतक्रान्त्या (ग) हृतांत्यक्रान्त्या for (हृतां ततक्रान्त्या)
(ग) ५. मडलांतरघटिकार्ज्या for (मंडलान्तरं घटिकाज्या)
(च) २. हतां for (हतं) ४. हृत्यांतक्रांत्या for (हृतांततक्रांत्या)
(ङ) ४. हृताज्यक्रान्त्या for (हृतां ततक्रान्त्या)