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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 589 of 737

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Page 589

( २०३ )
मध्यच्छायातो^५ ऽक्षविदानयति^१ रविवाक्^६ रज्ञोश्नं^२ ।
योग्रार्कज्ञो^३ लंबाक्षज्ये^४ कथयति स तंत्रज्ञः ॥ १५ ॥
उदयेस्तमये^६ चाग्रां^१ वेत्ति दिनार्द्धे^२ नतोन्नतज्ययः ।
ताभिर्विषुवच्छाया^४ इनज्यालंबान्^३ ^५ स तंत्रज्ञः ॥ १६ ॥
दिनरात्र्यर्धे^४ यश्चरदलाद्^५ विना स्वैकरोति^६ वाताभ्यां ।
अक्षावलंबकौ वा नस्तमयार्कात्तिस^१ ^३ तंत्रज्ञः ॥ १७ ॥
१५. (घ) १. छायातोक्षविदानयति (ग) तोऽक्षविदानब्दि for (च्छायातोक्षविदानयति)
२. रविवाकरज्ञोक्षम् (ग) रविदिवाकरज्ञोक्षम् for (रविदिवाकरज्ञोऽक्षम्)
३. लोबाक्षज्ये for (लम्बाक्षज्ये)
(च) २. रविवाक्र्ज्ञोक्षं for (रविवाक्र्जोशनं) ३. योग्रार्क्कज्ञो for (योग्रार्कज्ञो)
४. लंबाक्ष्यज्ये for (लंबाक्षज्ये)
(ङ) ५. मध्यच्छायातो for (मध्यछायातो)
१. ऽक्ष for (क्ष) ३ योडग्रार्कज्ञो for (योग्रार्कज्ञो)
६. रवि for (रवि) २. दिवाकरज्ञोऽक्षम् for (वाक्र्जोश्नं)
४. लम्बाक्षांशान् for (लम्बाक्षज्ये)
१६. (घ) १. वाग्रां (ग) (ङ) for (चाग्रां) २. ज्ये (ग) ज्येयः for (ज्ययः)
३. क्षज्या (ग) क्षप्या for (श्रज्या)
(ग) ४. विषुवा for (विषुवच्छाया) ५. लंबात् for (लंबान्)
(च) ३. क्षज्या for (इनज्या)
(ङ) ६. उदयेऽस्तमये for (उदयेस्तमये) २. ज्ये यः for (ज्ययः)
४. विषुवच्छाया for (विषुवच्छाया) ३. क्षज्या for (श्रज्या)
१७. (ग) १. नस्तमयार्के for (नस्तमयार्कात्) २. नस्तमयार्को for (नस्तमयार्कात्)
३. न स for (त्स)
(च) ४. दिनरात्र्यार्धे for (दिनरात्र्यर्धे) १. नस्तमयाक्कर्त्तिस for (नस्तमयार्कात्तिस)
(ङ) ४. 'लुप्त' for (दिनरात्र्यर्धे) ५. दलविना for (दलाद्विना)
६. +दिनरात्र्यर्धे+ १. ऽस्तमयार्कान् for (नस्तमयार्कात्)