ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
Page 573 of 737
Read in contextPage 573
( १८७ )
मंडलशेषात्$^३$ स्वोच्चं विशोध्य शेषं$^४$ चतुर्गुणालब्धम् ।
केंद्रं यदा$^५$ निजिनगुणां$^१$ जीवा गतयेयगतयो यैः$^२$ ॥ २० ॥
छेदचतुर्थे बाहुर्येयागतगतैस्तथा$^१$ कोटिः ।
प्राग्वदिनेन्दुभुजफलं तथाफलं$^५$ भूसुतादीनाम्$^३$ ॥ २१ ॥
फलचापकला गुणिते छेदे मंडलकलाहृत$^१$ लब्धम् ।
मंडलशेषे पूर्ववदृणधनमस्माद्$^२$ ग्रहः स्पष्टः$^३$ ॥ २२ ॥
२०. (घ) १. गुणात् (ङ) for (गुणा) २. गतयेयैः (ग) गयेयैः for (गतयोयै)
(ग) ३. शेखात् for (शेषात्) ४. शेखाश्च for (शेषं च)
५ पदानि for (यदानि) (च) (ङ)
(वि० इसकी श्लोक संख्या १६ है ।)
(च) १. यै for (यैः)
(ङ) ४. सहशं for (शेषं) ६. चतुर्गुणाल्लब्धम् for (चतुर्गुणालब्धम्)
२. गतयेयैः for (गतयोयैः)
२१. (घ) १. चतुर्थेर्बाहुर्ये (ग) चतुर्थेर्बाहु for (चतुर्थे बाहुर्ये)
२. यगतागतगवे (गे) यगतागतगतै for (यागतगतैं)
३. सुतादीनाम् (ग) (ङ) for (सुतादिनाम्)
(ग) ४. 'भु' लुप्त है । (वि० इसकी श्लोकसंख्या २० है ।)
(च) १. चतुर्थेर्बाहुर्ये for (चतुर्थे बाहुर्ये) २. यगतागतगतैस्तथा (यागतगतैस्तथा)
३. सुतादीनां for (सुतादिनाम्)
(ङ) १. चतुर्थेर्बाहो for (चतुर्थेर्बाहु) २. मँयगता for (येंया)
५. मन्दफलं for (तथाफलं)
२२. (ग) १. कलाहृते लब्धम् (ग) for (कलाहृत लब्धम्)
२. पूर्ववदृणघन (ग) (ङ) for (पूर्ववदृण)
(वि०-यहाँ संख्याक्रम २२ के स्थान में २३ लिखा हुआ है)
(ग) यहाँ श्लोक संख्या २१ है । २२ वाँ श्लोक इसके स्थान पर निम्नांकित है—
भुजकोट्य शो न गुणाभार्द्धाशतश्चतुर्थ भागोनैः ।
पंच द्वींदुखचंद्रैर्विभाजिता व्यासद्लगुणिताः ॥ २२ ॥
(च) १. हृतेल्लब्धं for (हृतलब्धम्) २. पूर्ववदृणधन for (पूर्ववदृणधन)
३. (वि० क्रमसंख्या २३ अंकित है ।)
(ङ) १. कलाहृते for (कलाहृत)