ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
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संक्रांतेराद्यंतौ^{२} ग्रहस्य यो राशिभतिथिकरणान्तान्^{३} ^{१} ।
व्यतिपाताद्यंतौ वा यो वेत्ति स्फुटगतिज्ञः सः ॥ ६ ॥
व्यासदलमितरजीवाभुजकोट्यंशो^{३} क्रमज्यया^{१} हीनम् ।
कोटिभुजज्या व्यासार्द्धकृतिविशेषात्पदं चान्या^{२} ॥ ७ ॥
कोटिज्यया द्विगुणया गुणान्त्यफलज्यया^{१} युतोनायाः^{२} ।
मृगकर्क्यादौ^{६} त्रिज्यां^{३} तत्फलकृतियुते पदं कर्णः^{५} ॥ ८ ॥
त्रिज्यांत्यफलत्व^{३}तियुतेः^{१} कर्णकृतेश्चांतरे^{५}वशेषं यत् ।
द्विगुणास्त्यफलहृतं^{४} तत्कोटिज्या^{२} बाहुजीवातः^{६} ॥ ९ ॥
६. (घ) १. करणाान्तान् (ग) (च) for (करणांतान्)
(ग) १. राद्यंतो for (राद्यंतौ) ३. तिथिक for (तिथि)
७. (घ) १. ज्येयाहीनाम् (च) for (ज्यया हीनम्) २. वान्या for (चान्या)
(ग) ३. कोट्यंशोत्क्रम (च) for (कोट्यंशोक्रम)
(ङ) ३. कोट्यंशोत्क्रम for (कोट्यंशोक्रम)
८. (घ) १. गुणायंत्यफल (ग) (च) for (गुणान्त्यफल)
२. ज्यया (ग) (च) for (ज्यता)
३. त्रिज्यांत्यफल (ग) for (त्रिज्यां तत्फल) ४. युनेः (ग) (च) for (युतेपदं)
(च) ६. मृगककूर्चादौ for (मृगकर्क्यादौ) ३. त्रिज्यांत्यफल for (त्रिज्यांतत्फल)
५. कर्य्यः for (कर्णः)
(ङ) १. ऽन्त्यफलज्या गुणितया for (गुणान्त्यफलज्यया)
३. त्रिज्यान्त्यफलज्या for (त्रिज्यांतत्फल) ४. युनेः for (युते)
९. (घ) १. त्रिज्यांत्यफल्वति for (त्रिज्यांत्यफलत्वति)
२. तत्कोटिज्या (च) (ङ) for (तत्कोटिज्या)
(ग) ३. कृति for (त्वति) ४. हृतं for (ह्रतं)
(च) १. त्रिद्यांत्य for (त्रिज्यांत्य) ३. फलतियुतेः for (फलत्वतियुतेः)
(ङ) ३. कृतियुतेः for (त्वतियुतेः) ५. तरेऽवशेषं for (तरेवशेषं)
६. जीवाअतः for (जीवातः)