Skip to content
SarvaKosh
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

Report a copyright issue

DevanagariHindipublished737 pages

Page 513 of 737

Read in context
Page 513

( १२७ )
प्रतिघटिकमधिकशंको¹र्ग्र्ह⁵मध्ये दर्शयेत्⁶ भुवा ।
त्रिप्रश्नोक्त्या² रविवच्छंकु³ भ्रमणादिक्रमशेषम्४ ॥ ४५ ॥
शंकु प्राच्यपरांतरं² विषुवच्छायैक्य मुत्तरे४ नृतले३ ।
याम्योतरं¹ गुणाहतं⁵ स्वक्रान्तिर्लम्ब करणाभ्याम् ॥ ४६ ॥
तच्चापांशा⁴ सदशैः¹ मँधुवका²पक्रमांशकैरूना५ ।
विक्षेपांशे³ व्यस्ता⁶ व्यस्तविशुद्धा व्यसदृश्यांशैः⁷ ॥४७॥

४५. (घ) ५. मग्रॆ (ग) ग्रहमग्रे
६. दर्शयेनि (ग) दर्शयेन्मुनि भंवा for (दर्शयेत् भुवा)
३. रविवत्शंकु (च) for (रविवच्छंकु)
४. कमशेषम् (ग) (च) for (क्रमशेषम्)
(ग) २. त्रिप्रस्नोक्तं for (त्रिप्रश्नोक्त्या)
(च) २. मग्रॆ for (मध्ये) ६. दर्शयेनि for (दर्शयेत्)
(क) १ अधिकटिकादिसमधिकशंका ग्रह्णं मप्रे दर्शयन् मुनिनंद for (प्रतिघटिकमधि-
कशंकोर्र्हमध्ये दर्शयेत् भुवा)
२. तृः for (त्रि) ३. विवन् for (रविव) ४. कमा for (क्रम)
४६. (घ) २. परांतर (ग) (च) for (परांतरं)
३. नृतरे for (नृतले)
१. याम्येंतरं (ग) याम्यैरंतर for (याम्योतरं)
(च) ४. मुत्तर for (मुत्तरे)
५. गुणहृतं for (गुणाहतं) १. याम्योत्तर for (याम्योतरं)
(क) १. याम्येंतरे for (याम्योतरं)
४७. (ट) ४. चापांशाः (ग) (च) for (चापांशा)
१. सदृशैः (ग) (च) for (सदशैः)
५. रूनाः (ग) for (रूना)
३. विक्षेपांशा (ग) विक्षेपांशाद्वचस्ता for (विक्षेपांशे व्यस्ता)
६. व्यस्तविशुद्धाव्यसदृश्यांशैः (ग) विस्तविशुद्धा for (व्यस्तविशुद्धाव्यसदृश्यांशैः)
(ग) २. भँध्रुवका (च) for (मँधुवका)
७. वसद्रिशांशैः for (व्यसदृश्यांशैः)
(क) १. सदृशै for (सदशैः) २. ध्रुवकः for (मँधुवकः) ३. पांशा for (पांशे)