ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
by आचार्य ब्रह्मगुप्त
DevanagariHindipublished737 pages
Page 474 of 737
Read in contextPage 474
( ८८ )
उदयास्तमयावदिदोः^१ कलांशैरर्कसंमिते कार्यम् ।
हीनत्वं त्वधिकत्वंतरे योग काल स्यात् ॥ ६ ॥
उदयास्तविधौ विवद्बुध्य शीघ्रादाप्तफल युतोनज्ञः^१ ।
अस्मद्गुरू विहीन^२ समदृग्^३....भागेन ॥ १० ॥
मानाऽल्पत्वात्पश्चादुदयोस्तमयः^८ सितस्य दशभि^५ प्राक्^६ ।
पश्चान्मानं^२ हत्वा^३ दष्टमयोस्ताभिरुदयः^४ प्राक् ॥ ११ ॥^६
६. (क) यह श्लोक मूल पाठ में नहीं है । (ग)
(क) यह श्लोक उपलब्ध नहीं है ।
(च) वि० यहाँ यह श्लोक निम्न उपान्त पर अन्यहस्तलेख में दिया गया है—
१. उदयस्तमयवदिदोः for (उदयास्तमयावदिदोः)
१०. (घ) यह श्लोक मूल पाठ में नहीं है । (ग) (क)
(च) वि० यह श्लोक २४b पृष्ट पर निम्नोपात पर अन्यहस्त से दिया हुआ है !
१. नोज़ः for (नज्ञः) २ विहिनः for (विहीन)
३. ससम for (समदृग)
११. (घ) इसका संख्याक्रम ६ है (ग)
१. माता for (माना)
२. मानमहत्वा (क) (क) for (मानं हत्वा)
३. दस्तमयो (ग) (क) for (दष्टमयो)
४. ष्टाभि (ग) (क) for (स्ताभि)
(ग) ५. दशभिः (क) (च) for (दशभि)
६. रुदय (क) for (रुदयः प्राक्)
(क) ७. दुदयो for (पश्चादुदयो)
८. स्तमयो for (स्तमयः)
(च) २. मानमहत्त्वादस्तमयो for (मानं हत्वादष्टमयो)
४. ष्टाभिरुदयः for (स्ताभिरुदयः)
६. क्रमसंख्या '६' है !