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ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

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DevanagariHindipublished737 pages

Page 444 of 737

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Page 444

( ५८ )
प्रागुदयैः प्रश्नासुभिरूनोर्को भुक्तराशिभिर्लग्नम् ।
कृत्वैवमूनमर्कं लग्नसमं प्राग्भवेत्कालः ॥ २४ ॥
गतशेषालपास्याह्नः सौम्योत्तरगोलयोश्चरार्द्धेन ।
ऊनाधिकस्य जीवा स्वाहोरात्र्यार्द्धं संगुणिता ॥ २५ ॥
-- त्रिज्याहता युतोना क्षितिज्यया सौम्ययाम्ययोश्छेदः ।
छेदोवलम्बकगुणो व्यासाद्धं विभाजितः शंकुः ॥ २६ ॥
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२४. (घ) १. भुक्तः (ग) भुक्ति for (भुक्त)
(ग) २. प्रश्नाशुभि for (प्रश्नासुभि)
३. मूनमर्कं (ख) मूनमर्कलग्नसमं for (मूनमर्कं लग्नसमं)
(ख) ४. रुभोको for (रूनोर्को)
५. लग्नम् for (र्लग्नम्)
६. कलः for (कालः)
(च) ४. रूनोक्रों for (रूनोर्को) ३ मवर्के for (मर्कं)
२५. (घ) १. गत शेषालपस्याह्नः (ग) गतशेखालपस्याह्नः for (गतशेषालपास्याह्नः)
२. सौम्येतर (ग) (क) (ख) सौम्यैतर for (सौम्योत्तर)
(ग) ३. रात्राद्धं (क) (ख) (च) for रात्र्यार्द्धं)
(क) १. गतशेषालपस्याह्नः (ख) गतशोषालपस्याह्नाः for (गतशेषालपास्याह्नः)
(ख) ४. चरार्द्धेनः for (चरार्द्धेनः)
५. ऊनाधिक़ास्य for (ऊनाधिकस्य)
(च) १. गतशेषालपस्याह्नः for (गतशेषालपास्याह्नः) २. सौम्येतर for (सौम्योत्तर)
२६. (घ) १. विभाजितशंकुः (च) for (विभाजितःशंकुः)
२. त्रिज्याहृता (च) for (त्रिज्याहता)
३. छेदावलम्बकगुणो (च) for (छेदोवलम्बकगुणो)
(ग) ४. छेद (क) याम्ययोश्छेदः (ख) for (याम्ययोश्छेदः)
(ख) ५. व्यासार्धं for (व्यासाद्धं)