Skip to content
SarvaKosh
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

Report a copyright issue

DevanagariHindipublished737 pages

Page 414 of 737

Read in context
Page 414

( २८
मध्याद्विशोध्य मंदं शीघ्रात्संशोध्य मध्यमं केन्द्रम् ।
अयुतिगता^१ यया यो^३ युति पदेऽन्यथा^४ बाहुकोटिज्ये^२ ॥ १२ ॥
त्रिज्याहता^४ भुजज्या २२७०^५ युगयुक्परिधि द्वयांतर^१ गुणाप्त्या^२ ।
युग्मांत^३ परिधिरधिको हीनोऽधिकः^६ हीनोधिकः^८ स्पष्टः ॥ १३ ॥
तद्गुणितेज्ये भांशैः ३६२ हृते^२ फले कोटिफलयुता त्रिज्या ३२७० ।
आद्यन्तयोर्निहीनो^१ पदयोर्द्वितृतीययोः^३ कोटिः ॥ १४ ॥

१२. (घ) १. व्युयुगतयेयोर्युजि (ग) अयुजिगतयेयोर्युजि for (अयुतिगताययायो युति)
(क) १. अयुजिगतैयोंज्ययोर्युजि for (अयुतिगताययायोयुति)
(च) १. अयुतिगतं for (अयुतिगता) २ या for (यो) ३ युंक्ति for (युति)
४. अवग्रहचिह्नलुप्त
१३. (घ) १. द्वयांतर (ग) द्वयांत (क) द्वयांतर (ख) द्वध्वयांतर for (द्वयांतर)
२. गुणात्प्या (ग) गुणाप्त्या for (गुणाप्त्या)
३. परिधिको हीनो हीनाधिकः for (परिधिरधिको हीनोऽधिकः हीनोऽधिकः)
(ग) ४. ३२७० हृता (क) त्रिज्याहृता (च) for (त्रिज्याहता)
५. यह संख्या अंकित नहीं।
६. 'ऽधिकः' शब्द अंकित नहीं (क)
(क) ७. 'युग्मांतर for (युग्मांत)
(ख) ६. 'हीनोऽधिकः' पद लुप्त हैं
८. हीनाधिकः for (हीनोऽधिकः)
(च) ५. २७७० for (२२७०) २+८+
३. परिधिकोहीनो for (परिधिरधिको हीनोऽधिकः)
१४. (घ) १. विहीना (ग) विहीना (क) विंहीना for (निहीनो)
(ग) २. हृंते (क) for (हृते)
३. द्वित्रितीययोः for (द्वितृतीययोः)
(ख) १. विहीनो for (निहीनो)
(च) १. विहीना for (निहीनो)